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10 Most Haunted Places in India

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क्या इन पुराने किलों, वीरान गांवों और सुनसान इमारतों में सच में कुछ रहस्यमयी है? जानिए भारत की उन जगहों के बारे में, जिनसे जुड़ी कहानियां आज भी लोगों के बीच डर और जिज्ञासा पैदा करती हैं। भारत को आमतौर पर किलों, महलों, मंदिरों, पहाड़ों और खूबसूरत जगहों के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी देश के इतिहास में कुछ ऐसे पन्ने भी हैं, जिन्हें पढ़ते ही माहौल थोड़ा रहस्यमयी लगने लगता है। कहीं पूरा गांव अचानक खाली हो गया, कहीं किसी महल में हुई हत्या की कहानी आज तक लोगों के बीच सुनाई जाती है, तो कहीं पुरानी इमारतों से रात में अजीब आवाजें आने के दावे किए जाते हैं। इन जगहों को लेकर कई तरह की कहानियां और लोककथाएं मशहूर हैं। कुछ किस्से पीढ़ियों से लोगों के बीच चलते आ रहे हैं, जबकि कुछ जगहों के डरावने अनुभवों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने अपने-अपने दावे किए हैं। यही वजह है कि इन जगहों का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर के साथ-साथ उन्हें देखने की उत्सुकता भी पैदा होती है। भारत में ऐसी कई जगहें हैं जिन्हें लोग Haunted मानते हैं। हालांकि हर कहानी को सच मान लेना सही नहीं होगा। कई बार किसी जगह का इतिहास, उसकी पुरानी बनावट, वहां का सन्नाटा, प्राकृतिक आवाजें और हमारे मन में पहले से बनी धारणा मिलकर डर का माहौल बना देती हैं। तो अगर आपको इतिहास के साथ रहस्य और रोमांच भी पसंद है, तो आइए जानते हैं भारत की उन 10 जगहों के बारे में जिनसे जुड़ी Haunted कहानियां आज भी काफी मशहूर हैं। 1. भानगढ़ किला: राजस्थान का सबसे चर्चित रहस्यमयी किला राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व के पास स्थित भानगढ़ किला देश की सबसे ज्यादा चर्चित Haunted जगहों में गिना जाता है। Delhi से करीब 300 किलोमीटर और जयपुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित यह किला आज खंडहरों के रूप में मौजूद है। लेकिन कभी यही जगह एक समृद्ध शहर हुआ करती थी, जहां बाजार, मंदिर, महल और हजारों लोगों के घर हुआ करते थे। किले का निर्माण 1573 में कछवाहा राजवंश के राजा भगवंत दास ने अपने छोटे बेटे माधो सिंह प्रथम के लिए करवाया था। अपने समय में भानगढ़ काफी आबाद और संपन्न शहर था। लेकिन बाद में यह धीरे-धीरे उजड़ गया और इसके खंडहरों के साथ कई रहस्यमयी कहानियां भी जुड़ती चली गईं। राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक की कहानी। भानगढ़ से जुड़ी सबसे मशहूर लोककथाओं में एक सिंघिया नाम के तांत्रिक और राजकुमारी रत्नावती की कहानी है। कहा जाता है कि तांत्रिक राजकुमारी की खूबसूरती से प्रभावित था और उसे अपने वश में करना चाहता था। इसके लिए उसने कथित तौर पर जादू का सहारा लिया। कहानी के मुताबिक, राजकुमारी को जब इस बात का पता चला तो उसने वह पत्थर दूर फेंक दिया जिस पर तांत्रिक ने जादू किया था। वह पत्थर लुढ़कता हुआ तांत्रिक के ऊपर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। मरने से पहले उसने भानगढ़ को श्राप दिया कि यह शहर बर्बाद हो जाएगा और यहां दोबारा कोई आबाद नहीं हो पाएगा। यही कहानी भानगढ़ की Haunted छवि को सबसे ज्यादा मजबूत करती है। बालू नाथ के श्राप की दूसरी कहानी। भानगढ़ से जुड़ी एक दूसरी लोककथा साधु बालू नाथ के श्राप की है। कहा जाता है कि उन्होंने किले के निर्माण की अनुमति एक शर्त पर दी थी कि किले की छाया उनके ध्यान स्थल पर नहीं पड़नी चाहिए। बाद में जब किले की ऊंचाई बढ़ाई गई तो उसकी छाया कथित तौर पर साधु के स्थान तक पहुंच गई। इसके बाद शहर के उजड़ने की कहानी इस श्राप से जोड़ दी गई। हालांकि इतिहास की नजर से देखा जाए तो किसी शहर के खाली होने के पीछे राजनीतिक बदलाव, अकाल और आर्थिक परेशानियां जैसे कई कारण हो सकते हैं। इसलिए भानगढ़ की Haunted कहानी को लोककथा और इतिहास दोनों नजरिए से देखना ज्यादा सही है। सूर्यास्त के बाद भानगढ़ क्यों नहीं जा सकते? भानगढ़ किले के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा रात में प्रवेश पर लगी रोक को लेकर होती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई के संरक्षण में आने वाली इस जगह पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसी वजह से भानगढ़ की Haunted छवि और ज्यादा मजबूत हुई है। दिन में जहां पर्यटक इसके खंडहर, मंदिर और पुराने निर्माण को देखते हैं, वहीं शाम होते ही पूरा इलाका बिल्कुल अलग महसूस होने लगता है। यहां जाने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र या समय का उल्लंघन न करें। 2. कुलधरा गांव: एक रात में खाली हुए गांव का रहस्य राजस्थान के जैसलमेर से करीब 17-18 किलोमीटर दूर स्थित कुलधरा गांव को देश के सबसे प्रसिद्ध वीरान गांवों में गिना जाता है। आज यहां टूटे हुए घर, खाली गलियां और पुराने खंडहर दिखाई देते हैं। इसी वजह से कुलधरा को भारत की सबसे चर्चित Haunted जगहों में भी शामिल किया जाता है। कुलधरा की स्थापना 13वीं शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों ने की थी। रेगिस्तान जैसे इलाके में रहने के बावजूद पालीवाल समुदाय खेती और पानी बचाने की तकनीकों के लिए जाना जाता था। उन्होंने खड़ीन जैसी तकनीक का इस्तेमाल करके पानी जमा किया और खेती को संभव बनाया। आखिर रातों-रात क्यों खाली हुआ कुलधरा? कुलधरा से जुड़ी सबसे मशहूर कहानी जैसलमेर के दीवान सलीम सिंह से जुड़ी है। लोककथा के अनुसार, सलीम सिंह की नजर गांव के मुखिया की बेटी पर थी और उसने उससे शादी करने की इच्छा जताई। जब गांव वालों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसने दबाव बनाने की कोशिश की। कहानी के अनुसार, अपनी इज्जत और आत्मसम्मान बचाने के लिए कुलधरा और आसपास के कई गांवों के लोगों ने एक ही रात में वहां से जाने का फैसला किया। जाते समय पालीवालों ने कथित तौर पर इस जगह को श्राप दिया कि यहां फिर कभी कोई नहीं बस पाएगा। यही श्राप वाली कहानी कुलधरा की Haunted पहचान का बड़ा कारण बनी। आज भी खड़े हैं पुराने घरों के खंडहर। आज कुलधरा में पुराने घरों के करीब 400 खंडहर देखे जा सकते हैं। खाली गलियां और

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ऐसे पेड़ जिनसे जुड़ी हैं Haunted कहानियाँ

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कुछ जगहें अपनी खूबसूरती की वजह से मशहूर होती हैं, तो कुछ अपनी डरावनी दास्तानों की वजह से। दुनिया में ऐसे कई पेड़ मौजूद हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि वहां रात के वक्त अजीब आवाज़ें सुनाई देती हैं, किसी साये का एहसास होता है या फिर लोगों ने ऐसे वाकये महसूस किए हैं जिन्हें आज तक साइंस भी पूरी तरह नहीं समझ पाई। इन Haunted पेड़ों के आसपास कई लोककथाएं, किस्से और अफवाहें सदियों से चली आ रही हैं। चाहे आप इन बातों पर यकीन करें या नहीं, लेकिन इन पेड़ों के पीछे छिपी कहानियां इन्हें बेहद दिलचस्प बना देती हैं। अगर आपको Mystery, History और Haunted Places एक्सप्लोर करना पसंद है, तो ये लिस्ट आपके लिए किसी एडवेंचर से कम नहीं होगी। 1. The Hanging Tree, Rajasthan जहां हर हवा का झोंका एक Haunted कहानी सुनाता है राजस्थान के कुछ पुराने इलाकों में मौजूद इस पेड़ को स्थानीय लोग The Hanging Tree के नाम से जानते हैं। कहा जाता है कि अंग्रेजों के दौर में यहां कई लोगों को फांसी दी गई थी। तभी से इस पेड़ के साथ Haunted कहानियां जुड़ गईं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि देर रात यहां किसी के रोने, फुसफुसाने और पैरों की आहट जैसी आवाजें सुनाई देती हैं। कई लोग दावा करते हैं कि रात में यहां रुकने पर उन्हें किसी अनदेखी मौजूदगी का एहसास हुआ। इस जगह की सबसे बड़ी खासियत इसका रहस्यमयी माहौल है। दिन में यह बिल्कुल साधारण पेड़ लगता है, लेकिन जैसे ही शाम ढलती है, आसपास का सन्नाटा इसे और भी Haunted बना देता है। यहां आने वाले लोग आसपास के पुराने गांव, ऐतिहासिक खंडहर और ग्रामीण संस्कृति भी देख सकते हैं। घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच दिन का समय माना जाता है। रात में यहां जाना स्थानीय लोग भी अवॉयड करने की सलाह देते हैं। यहां पहुंचने के लिए सबसे पहले नजदीकी शहर तक सड़क मार्ग से पहुंचें, फिर लोकल टैक्सी या निजी वाहन से गांव तक आसानी से जाया जा सकता है। 2. Ghost Banyan Tree, Kolkata   जिस बरगद के नीचे जाने से लोग आज भी डरते हैं कोलकाता के आसपास कई पुराने बरगद के पेड़ों के बारे में Haunted किस्से मशहूर हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा Ghost Banyan Tree की होती है। लोककथाओं के मुताबिक यहां कभी एक साधु की रहस्यमयी मौत हुई थी और तभी से यह जगह Haunted मानी जाने लगी। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में पेड़ के पास सफेद साया दिखाई देता है। कुछ ड्राइवरों ने भी दावा किया कि उन्होंने यहां किसी को सड़क किनारे खड़े देखा, लेकिन पास पहुंचते ही वह गायब हो गया। यह पेड़ पुराने मंदिरों और ब्रिटिश दौर की इमारतों के बीच स्थित होने की वजह से और भी रहस्यमयी लगता है। अगर आपको Urban Legends पसंद हैं तो यह जगह काफी Interesting लगेगी। सुबह या शाम के समय यहां घूमना बेहतर रहता है, जबकि देर रात यहां जाने से बचना चाहिए। कोलकाता शहर से टैक्सी, बस और लोकल ट्रेन के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। 3. The Suicide Tree, Kerala एक ऐसा Haunted पेड़ जिसके पीछे आज भी कई सवाल हैं केरल की हरियाली के बीच मौजूद इस पुराने पेड़ को लेकर कई कहानियां सुनने को मिलती हैं। कहा जाता है कि कई दशक पहले यहां लगातार आत्महत्या की घटनाएं हुई थीं। इसके बाद लोगों ने इसे Haunted Tree कहना शुरू कर दिया। हालांकि इन घटनाओं का कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच आज भी यह जगह डर और रहस्य का हिस्सा बनी हुई है। कई लोगों का दावा है कि यहां अजीब सी बेचैनी महसूस होती है और लंबे समय तक रुकने का मन नहीं करता। आसपास की हरियाली, बैकवॉटर और गांव का शांत माहौल इस जगह को फोटोग्राफी के लिए भी खास बनाता है। मानसून के बाद से लेकर फरवरी तक यहां का मौसम सबसे सुहाना रहता है। कोच्चि या तिरुवनंतपुरम से सड़क मार्ग के जरिए इस इलाके तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। 4. Wishing Tree, Delhi Ridge दुआओं से ज्यादा Haunted किस्सों के लिए मशहूर दिल्ली रिज के जंगलों में मौजूद कुछ पुराने पेड़ों के बारे में कहा जाता है कि यहां रात में अजीब आवाजें सुनाई देती हैं। कई लोगों ने दावा किया कि उन्होंने यहां किसी को पेड़ों के बीच चलते देखा, लेकिन कुछ ही सेकंड में वह गायब हो गया। ब्रिटिश दौर से जुड़ी कई कहानियां इस जगह को Haunted बनाती हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ अफवाह मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि उन्होंने खुद यहां अनजाना एहसास महसूस किया। अगर आप Nature Walk पसंद करते हैं तो दिन में यहां का जंगल बेहद खूबसूरत लगता है। यहां कई तरह के पक्षी और हरियाली देखने को मिलती है। सुबह जल्दी या शाम से पहले यहां घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। दिल्ली मेट्रो और कैब की मदद से रिज क्षेत्र तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। 5. The Screaming Tree, Scotland जब हवा चलती है तो लगता है जैसे कोई चीख रहा हो स्कॉटलैंड के हाईलैंड्स में मौजूद The Screaming Tree दुनिया के सबसे चर्चित Haunted पेड़ों में गिना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तेज़ हवा इस पेड़ की सूखी शाखाओं से टकराती है, तो ऐसी आवाज़ निकलती है जैसे कोई दर्द में चीख रहा हो। सदियों से इस पेड़ को लेकर कई दास्तानें सुनाई जाती रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यहां कभी युद्ध हुआ था और मारे गए सैनिकों की रूहें आज भी इस पेड़ के आसपास भटकती हैं। वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ़ हवा और पेड़ की बनावट का असर बताते हैं। सच जो भी हो, लेकिन इस Haunted Tree का माहौल किसी Horror Movie से कम नहीं लगता। इस जगह की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और रहस्यमयी फिज़ा है। चारों तरफ फैली पहाड़ियां, धुंध और ठंडी हवाएं इस जगह को और भी Haunted फील देती हैं। अगर आपको Nature Photography और Mystery दोनों पसंद हैं तो यह जगह आपकी Bucket List में ज़रूर होनी चाहिए। यहां आने वाले लोग आसपास के

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रक्श से लेकर राज तक,विवादों से भरा था कुदसिया बाग की बेगम कुदसिया का सफर

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क्या कहता है इतिहास?(What is the history of Qudsia Bagh?)इतिहासकारों और दिल्ली सरकार के डिपार्मेंट ऑफ़ आर्कियोलॉजी (Department of archaeology) के हिसाब से इस बगीचे का निर्माण 1748 में करवाया गया था। बताया जाता है कि कुदसिया बेगम एक नर्तकी थीं जो मुगल बादशाह (Mughal Emperror) मोहम्मद शाह के दरबार में रक्श पेश किया करती थीं। उनकी खूबसूरती और नृत्य कला से मुगल बादशाह इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कुदसिया बेगम से निकाह कर लिया। बताया जाता है कि कुदसिया बेगम लाल किले के चहल पहल वाली जिंदगी से दूर सुकून से रहना चाहती थीं और उनकी इसी इच्छा को ध्यान में रखते हुए उनके बेटे अहमद शाह ने इस बाग का निर्माण करवाया था। यह बाग कश्मीरी गेट के पास सिविल लाइंस के इलाके में पड़ता है। जहां उस समय यमुना नदी की धारा बहती थी। इस बगीचे में एक प्रवेश द्वार, एक मस्जिद और एक बावड़ी के अतिरिक्त कई सारी मेहराबें हैं। इतिहासकारों के मुताबिक यहां कई सारी इमारतें थी जिन्हें स्वतंत्रता संग्राम के समय अंग्रेजों द्वारा ध्वस्त किया कर दिया गया था। यहां के मस्जिदों में आज भी नियमित तौर पर नमाज अदा किया जाता है। अब इस पार्क का नाम बदल कर महाराणा प्रताप वाटिका(Maharana Pratap Vatiika) रख दिया गया है। कुदसिया बेगम का व्यक्तिगत जीवन : अगर बात करें कुदसिया बेगम के व्यक्तिगत जीवन के बारे में तो बताया जाता है कि उनका जन्म मूल रूप से एक हिंदू परिवार में हुआ था और उनका नाम उधम बाई था। कुदसिया बेगम को अपने जीवन काल में बाई-जू साहिबा, नवाब कुदसिया, साहिबा-उज़-ज़मानी और मुमताज महल जैसे कई प्रकार के उपनामों से भी नवाजा गया था। हालांकि कुदसिया बेगम का जीवन बहुत विवादित माना जाता है, क्योंकि बताया जाता है कि उनका संबंध उन्हीं के हरम के प्रबंधक जावेद खान नवाब बहादुर के साथ था जो एक किन्नर था। उनके इस संबंध के बारे में यह भी कहा जाता है कि जब 1752 में जावेद खान नवाब बहादुर को सफदर जंग ने मार दिया तो कुदसिया बेगम ने उनकी हत्या पर न सिर्फ शोक जताया बल्कि अपने गहनों को भी त्याग दिया और सफेद वस्त्र को धारण कर लिया।कुदसिया बेगम बहुत हीं खर्चीली और उदार किस्म की व्यक्ति थीं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब महल में सैनिकों के तनख्वाह के बकाया को भुगतान करने के लिए दो लाख रुपए भी इकट्ठा नहीं किए जा सके, तब उन्होंने सिर्फ अपना जन्मदिन मनाने के लिए दो करोड़ रुपए खर्च कर दिए। 26 मई 1754 को मल्हार राव होल्कर ने अहमद शाह बहादुर को हरा दिया था। इसके बाद कुदसिया बेगम सिकंदराबाद छोड़कर दिल्ली भाग कर आ गईं। लेकिन मल्हार राव होलकर ने दिल्ली तक उनका पीछा किया और अहमद शाह बहादुर के साथ-साथ कुदसिया बेगम की भी आंखें निकलवा दी। क्या है इस बाग की खासियत?(What is the specialty of this garden?) अगर बात करें इस बाग के खासियतों के बारे में तो आपको इस बाग में न सिर्फ मुगल इतिहास देखने को मिलेगा, बल्कि पारसी स्थापत्य कला के नमूने भी देखने को मिल जाएंगे। इस बाग में एक बारहद्वार वाला महल है जो इसका सबसे मुख्य आकर्षण माना जाता है। इसके अतिरिक्त इस बाग में एक मस्जिद भी है जहां प्रतिदिन नियमित तौर पर नमाज अदा किया जाता है। यहां के मस्जिद में नमाज की टाइम टेबल भी लगाई गई है। हालांकि अंग्रेजी सरकार के बमबारियों के कारण इस मस्जिद का काफी नुकसान हो चुका है, लेकिन अभी भी आप यहां उस समय के स्थापत्य कला के नमूने देख सकते हैं। यहां की मेहराबों पर की गई महीन नक्काशियां लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम हैं।इस बाग के दरवाजे इतने बड़े-बड़े हैं कि उनमें से हाथी भी गुजर सकते हैं। बताया जाता है कि इन दरवाजों को हाथियों के गुजरने के लिए हीं बनाया गया था। आपको इस बाग में एक ऐसा स्थान भी देखने को मिलेगा, जहां पर हाथियों को बांधा जाता था।इस बाग में एक ओपन जिम भी है। जहां पर आप एक्सरसाइज कर सकते हैं। साथ हीं इस बाग में बच्चों के लिए एक छोटे से पार्क की व्यवस्था भी है। जहां बहुत से अलग-अलग प्रकार के झूले लगाए गए हैं। यहां बैठने की भी बहुत ही अच्छी व्यवस्था की गई है और इस पार्क के साफ-सफाई का भी बहुत हीं अच्छे से ध्यान रखा जाता है। क्या है कुदसिया बाग की टाइमिंग?(What is the timing of Qudsiya Bagh?) जहां अधिकतर हॉन्टेड जगहों की टाइमिंग फिक्स होती है और वहां 5:00 के बाद लोगों को जाने नहीं दिया जाता है, वहीं कुदसिया बाग उन सभी हॉन्टेड जगहों से थोड़ा अलग है।अगर बात करें कुदसिया बाग के टाइमिंग (Qudsia Bagh timings) की तो यह चौबीसो घंटे खुला रहता है। यानी कि यहां पर आप कभी भी आ जा सकते हैं। इस बाग में आने जाने की कोई पाबंदी नहीं है और ना हीं आपको इस बाग में आने के लिए किसी भी प्रकार के टिकट (Qudsia Bagh ticket price) की आवश्यकता होगी। कैसे पहुंचे कुदसिया बाग?(How to reach Qudsia Bagh?)अगर आप कुदसिया बाग आना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले कश्मीरी गेट पहुंचना होगा। आप अपनी इच्छा अनुसार बस या फिर मेट्रो से कश्मीरी गेट (Which metro station is near to Qudsiya Bagh) पहुंच सकते हैं। कश्मीरी गेट पहुंचने के बाद आप वहां से 700 मीटर पैदल चलकर इस बाग तक पहुंच जाएंगे। आप चाहे तो कश्मीरी गेट से ई-रिक्शा भी ले सकते हैं। आपको इस बाग में अपनी गाड़ी से भी आ सकते हैं। यहां पार्किंग की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। जब हमने इस बाग को एक्सप्लोर किया और पूरी तरह से छानबीन की तो हमें इस बाग में ऐसा कुछ हाउंटेड नहीं दिखा। बल्कि हमें इस बाग में आकर बहुत हीं सुकून का अनुभव हुआ और हमारे हिसाब से आप भी बिना डरे इस बाग में घूमने जा सकते हैं। यकीनन आपको भी यहां पर बहुत हीं अच्छा महसूस होगा।

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ये हैं दिल्ली की वो जगहें जहां से जुड़ी हैं कई डरावनी और दिल दहला देने वाली कहानियां –

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अगर आप हिम्मती हैं और हांटेड प्लेस घूमने में दिलचस्पी रखते हैं,तो आपको दिल्ली की इन जगहों पर जरूर जाना चाहिए। जहां आपको मिलेंगे कई ऐसे सुलझे-अनसुलझे राज़ जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। ऐसी जगह बेहद खूबसूरत होती हैं लेकिन इन जगहों के बारे में कुछ न कुछ कहानियां ऐसी बुन दी जाती हैं जहाँ आप उत्सुकतावश जरुर जाना चाहते हैं. लेकिन कोशिश कीजिए की आप यहां अकेले न आए क्योंकि डर सिर्फ रात के अँधेरे में ही फैलता है. ऐसी ही कुछ तथाकथित डरावनी जगहों के बारे में हम इस ब्लॉग में आपको बता रहे हैं — 1.दिल्ली छावनी (Delhi Cant)- ये जगह दिन में टहलने के लिए जितनी शानदार है, रात में ये उतनी ही भयानक भी हो जाती है। सड़क पर फैले घने पेड़ों बीच एक डरावनी सी फिलिंग (Scary Feeling) आती है। ऐसा लगता है मानो बॉलीवुड की किसी डरावनी फिल्म सीन देख रहें हों। देर शाम इन रास्तों पर ट्रैवल (Travel) करने वाले लोगों ने बताया है कि उन्होंने सफ़ेद कपड़े पहने एक औरत(Lady) को देखा है जो उनसे उसे सवारी देने की रिक्वेस्ट (Request) करती है। इसके अलावा यहाँ कि कुछ कहानियां हैं जो इसे डरावना बना देती हैं, यहाँ के लोकल लोगों का कहना है कि यहां एक महिला का मर्डर (Murder) हुआ था, जब वो इस एरिया में अकेली वॉक (Walk) कर रही थी। इसलिए जितना हो सके अंधेरा होने के बाद यहां आने से बचें। 2. दिल्ली में डीडीए कॉम्प्लेक्स (DDA Flats in Qutub enclave)-जिसे सबसे डरावने घर के रूप में भी जाना जाता है, वैसे तो ये कब्रिस्तान के ऊपर बनाया गया था, जिसे अब वहां देखे जाने वाले भूतों का कारण बताया जाता है। लोगो का मानना है यहां कई अजीबो गरीब चीजों को महसूस किया गया है । एब्नॉर्मल सी चीखें, टेंपरेचर में एक दम से चेंज आ जाना और भी बहुत कुछ । लोगों ने यह भी कहा है कि उन्होंने भूत देखे हैं और अजीब सी परछाइयां भी यहाँ दिखाई देती हैं जो कि यहाँ आने वालों का पीछा करती हैं। 3. अग्रसेन की बावली (Agrsen Ki Baoli)- वैसे तो इस जगह से पहचान करवाने की कोई खास जरूरत है नही, लेकिन फिर भी अगर आप यहां आने का प्लान बना रहें हैं तो आपके लिए कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी हो जाता है। स्थानीय लोककथाओं के हिसाब से, इस बावली (जिसे बावड़ी के नाम से भी जाना जाता है) में पहले रहस्यमयी रूप से गहरे पानी का एक कुंड था, जो लोगों को अपनी जान लेने के लिए मजबूर करता था। यहां आस पास रहने वाले लोगो का कहना है, जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे उतरते हैं, आपको अहसास होने लगता है कि कोई आपका पीछा कर रहा है। 4. खूनी दरवाजा (Khooni Drwaza)- वैसे तो ये एक बहुत ही सुंदर हिस्टोरिकल प्लेस (Beautiful Historical place) है, लेकिन इस दरवाज़े से जुड़ी कहानियां आपको दंग कर देंगी। ये जगह दिल्ली के मोस्ट हॉन्टेड प्लेस (Most Haunted Place) में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि जब मानसून (Monsoon) आता है, तो इस मोन्यूमेंट (Monument) की छत से खून की धारा बहती है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,जहांगीर ने इस जगह पर बैरम खान के पोते-पोतियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का आदेश दिया था। जहाँगीर ने अपनी ताकत दिखाने के लिए उनके डेड बॉडीज (Dead Bodies)को कई दिनों तक वहाँ लटकाए रखा था। इसलिए आप जब भी यहां आए जरा सावधानी बरतें। 5. फ़िरोज़ शाह कोटला किला (Feroz Shah Kotla Fort)- दिल्ली में सबसे पॉपुलर हिस्टोरिकल प्लेसिस (Popular Historical Places) में से एक होने के अलावा, इसे शहर के सबसे हॉन्टेड जोन (Haunted Zone) में से एक भी माना जाता है। लोगों की मानें तो इस प्लेस पर जिन्न देखे गए हैं, जो 14 सेंचुरी (Century) के हैं। लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने डरावनी आवाज़ें सुनी हैं, किसी बुरे साये (Bad Soul) को महसूस किया है और कई बार नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) को फील (Feel) किया गया है।वैसे किला आम तौर पर एक पीसफुल (peaceful) जगह है, लेकिन हर गुरुवार (Thursday) शाम को लोग, वहां रहने वाले जिन्नों को खुश करने के लिए इकट्ठा होते हैं। उन्हें खुश करने के अनुष्ठान करते है जिस बीच , कई लोगो ने किसी इनविजिबल (Invisible) पॉवर का धक्का महसूस किया है। आप पूरे दिन फ़िरोज़ शाह कोटला किले में जा सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास स्ट्रॉन्ग हार्ट (Strong heart) है और आप अपनी क्रायोसिटी (Criosity) को शांत करना है तो मेरी सलाह ये है कि आपको कभी भी यहां अकेले नहीं जाना चाहिए। 6. भूली भटियारी का महल (Bhuli Bhatiyari Ka Mahal)- ये जगह दिल्ली की ऐसी इकलौती जगह है जिसका नाम ही काफ़ी हांटेड है। भूली भटियारी का महल… जिसे कभी तुगलक सम्राटों द्वारा हंटर लॉज (Hunter Laudge) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इस जगह पर कई अनबेलिवेबल इंसीडेंट (Unbelivable Incident) की कई रिपोर्टें मिली हैं, जिनमें से कुछ में आगे-पीछे कदमों के चलने, डरावनी हंसी और लोगों के गायब होने के दावे शामिल हैं। कई रीजंस (Reasons) की वजह से फिलहाल इसके पीछे की मिस्ट्री (Mystery) को फिलहाल सॉल्व (Solve) नही किया गया है, और बहुत कम लोगों में आगे की जांच करने की हिम्मत थी। वैसे तो , यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भूली भटियारी एक्चुअल (Actual) में एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस (Tourist place) है। अगर आप इस स्थान पर जाना चाहते हैं, तो अपने साथ कुछ दोस्तों को लाएँ ताकि आप खंडहरों को अच्छे से बिना डरे देख सकें। लेकिन ध्यान रखें कि आप ये रिस्क (Risk) दिन के समय ही लें। 7. खूनी नाडी (Khooni Nadi)- तो जैसा की आपको इस नाम को सुनते ही महसूस हो गया होगा की ये जगह कितनी डरावनी है, खूनी नाड़ी (खूनी का मतलब खूनी, और नाड़ी का मतलब नदी)। इस इलाके से जुड़ी दिल दहला देने वाली बात ये है की, जो कोई भी नदी के बहुत करीब आएगा वह उसमें समा जाएगा। इस प्लेस से जुड़े ऐसे कई रयूमर्स (Rumours) ऐसे है ,जो की बताते हैं कि इस पानी में जाने वाले कई लोग अब तक वापस नहीं आए। 8.