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MP के इन जगहों पर भारतीय स्थापत्य कला और प्राकृतिक खूबसूरती की दिखती है झलक

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मध्य प्रदेश में भारत के कई ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जो न सिर्फ आर्कियोलॉजिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, बल्कि सामान्य पर्यटकों का भी ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। सबसे अधिक क्षेत्रफल पर वन होने के कारण मध्य प्रदेश में कई सारे नेशनल पार्क्स भी हैं। इसी वजह से यह राज्य प्राकृतिक रूप से भी सुंदर और मनमोहक है। अगर आप भी मध्य प्रदेश घूमना चाहते हैं तो हम आपको बताने वाले हैं मध्य प्रदेश के कुछ ऐसे जगहों के बारे में जहाँ एक बार जाना तो बनता है। 1. उज्जैन (Ujjain) इस शहर को महाकाल की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। मध्य प्रदेश के इस शहर को पहले पूरे भारतवर्ष में अवंतिका नगरी कहा जाता था। यह शहर महाकालेश्वर महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। भारत के कोने-कोने से लोग यहां महाकालेश्वर महादेव के दर्शन करने और उनकी पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। इस शहर में इसके अलावा और भी कई पर्यटन स्थल हैं। जिनमें रामघाट, काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर प्रमुख हैं। कैसे पहुंचे उज्जैन (How to reach Ujjain) : उज्जैन पहुंचाना बहुत हीं आसान है, क्योंकि शहर का अपना रेलवे स्टेशन भी है। जहां देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रेनें आती हैं। इसके अलावा अगर आप फ्लाइट से उज्जैन पहुंचाना चाहते हैं तो आप इंदौर एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। इंदौर उज्जैन से लगभग 50 किलोमीटर की ही दूरी पर स्थित है। इसलिए आप बहुत ही आसानी से इंदौर से उज्जैन पहुंच सकते हैं। उज्जैन शहर सड़क मार्ग के द्वारा भी देश के अन्य राज्यों से बहुत अच्छे से जुड़ा हुआ है। आप उज्जैन अपनी गाड़ी से भी आ सकते हैं। 2. मैहर माता मंदिर सतना (Maihar Mata Temple Satna) त्रिकूट पर्वत की ऊंचाइयों पर स्थित मैहर मंदिर की कहानी आदिशक्ति सती के आत्मदाह से जुड़ी हुई है। देश के 108 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ (Shaktipeeth) त्रिकूट पर्वत के इस पहाड़ी पर भी स्थित है। जिस स्थान पर इस मंदिर का निर्माण करवाया गया है। बताया जाता है कि इस स्थान पर माता का हार टूट कर गिरा था, इसलिए इस जगह को मैहर का नाम दिया गया। यह मंदिर मध्य प्रदेश के सतना जिला के त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। जहां तक पहुंचाने के लिए भक्तों को पहाड़ी पर चढ़ाई करनी होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे भारत में माता शारदा का यह इकलौता मंदिर है। इस मंदिर में माता शारदा के साथ ही अन्य देवी देवताओं की पूजा भी की जाती है। 3. खजुराहो (Khajuraho) इस स्थान को मध्य प्रदेश का सम्मान माना जाता है। यह वही स्थान है जहां आपको विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों से समृद्ध मंदिरों का समूह देखने को मिलता है। मध्य प्रदेश का खजुराहो भारत के प्राचीन कालीन इतिहास को बखूबी बयां करता है। खजुराहो के मंदिरों के समूह का निर्माण आज से लगभग 1300 साल पहले हुआ था। मंदिरों पर बनाई गई कलाकृतियां यह दर्शाती हैं कि हमारा भारत आज से हजार साल पहले भी कितना मॉडर्न (modern) था।खजुराहो में आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम (Archaeological Museum) है, जहां आपको कई सारे छोटे बड़े मंदिरों का समूह देखने को मिलेंगे। आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम के इस एरिया को पश्चिमी मंदिर समूह के नाम से भी जाना जाता है। आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम में जैसे ही आप इंटर करेंगे आपको बहुत ही खूबसूरत से गार्डन से होकर गुजर कर जाना होगा। यहाँ के मंदिरों में कंदरिया मंदिर, मतंगेश्वर मंदिर, लक्ष्मण मन्दिर, विश्वनाथ मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर और विष्णु गुप्त मंदिर प्रमुख हैं। 4. भोपाल (Bhopal) इस शहर को महाराजा भोज की नगरी के नाम से जाना जाता है। यह शहर आज के समय में मध्य प्रदेश की राजधानी है और इस शहर को एक अच्छा टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। क्योंकि यहां के टूरिस्ट प्लेसेस इतने बेहतरीन हैं कि यहां आने वाले लोगों को यही का हो कर रह जाने का मन करने लगता है। अगर आपको भी कभी मौका मिले मध्य प्रदेश जाने का तो आप एक बार भोपाल जरुर विजिट करें। (Visiting places of Bhopal) भोपाल की घूमने लायक जगहों की सूची में अपर लेक (Upper Lake), वन विहार (Van Vihar), सैर सपाटा (Sair Sapata), गौहर महल (Gauhar Mahal), मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum), पीपल्स मॉल (People’s Mall), भीमबेटका की गुफ़ाएँ (Bhimvetka caves), ताज उल मस्जिद (Taj ul Masjid) और सांची स्तूप (Sanchi Stupa) का नाम आता है। 5. कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है। बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान कैसे पहुंचे (How to reach Kuno National Park) ग्वालियर एयरपोर्ट कूनो नेशनल पार्क के सबसे नजदीक स्थित एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट देश के अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कोटा, पटना, जयपुर आदि से भली भांति जुड़ा हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए फ्लाइट लगभग ₹2000 से ₹3000 तक की आती है। आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से भी ग्वालियर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप बाय रोड भी कूनो नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

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भोपाल में घूमने की सबसे बेहतरीन 10 जगह

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भोपाल– इस शहर को महाराजा भोज की नगरी के नाम से जाना जाता है। यह शहर आज के समय में मध्य प्रदेश की राजधानी है और इस शहर को एक अच्छा टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। क्योंकि यहां के टूरिस्ट प्लेसेस इतने बेहतरीन हैं कि यहां आने वाले लोगों को यही का हो कर रह जाने का मन करने लगता है। अगर आपको भी कभी मौका मिले मध्य प्रदेश जाने का तो आप एक बार भोपाल जरुर विजिट करें। आज हम आपको बताने वाले भोपाल के बेस्ट टूरिस्ट अट्रैक्शंस के बारे में जो इस शहर की शोभा को कई गुना बढ़ा देते हैं। (Visiting places of Bhopal) 1. अपर लेक (Upper Lake) अगर आप फैमिली और फ्रेंड्स के साथ हॉलीडे (holiday) बिताना चाहते हैं या वीकेंड प्लेन करना चाहते हैं तो भोपाल का अपर लेक आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन (perfect destination) हो सकता है। यह जगह आपको वाकई बहुत पसंद आएगी। यहां आप वोटिंग भी कर सकते हैं। अलग-अलग टाइप के वोटिंग (boating) के लिए टिकट की प्राइस वैरी करती है। नॉरमल डेज में आप यहां क्रूज़ का भी मजा ले सकते हैं। यहां का माहौल बहुत ही शांत और रिफ्रेशिंग (refreshing) है। जोकि फैमिली टाइम बिताने के लिए बेस्ट है। 2. वन विहार (Van Vihar) भोपाल में अपर लेक से कुछ दूरी पर स्थित है वन विहार। वन विहार के एंट्री टिकट की कीमत ₹20 से स्टार्ट होती है। अगर आप अपने व्हीकल (own vehicle) के साथ जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक्स्ट्रा चार्ज लगेंगे। वन विहार फ्राइडे को बंद रहता है और सप्ताह के बाकी के दिनों में खुला रहता है। यहां आपको कई तरह के बड़े जंगली जानवर देखने को मिलेंगे। जिनमें बाघ, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ आदि शामिल है। हां यह आपके लक पर निर्भर करता है कि आप इनमें से कितने जानवरों को देख पाते हैं। वन विहार में काफी ग्रीनरी (greenery) है। अगर आप नेचर को पसंद करते हैं तो यह आपको बहुत हीं पसंद आने वाला है। साथ हीं यह आपके लिए एक तरह से जंगल सफारी (jungle safari on own vehicle) की तरह होगा। जिसे आप अपने खुद के गाड़ी से भी इंजॉय कर सकते हैं। यहीं बात इसे दूसरे जंगल सफारी से अलग बनाती है। 3. सैर सपाटा (Sair Sapata) यह भोपाल के सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट (tourist spot) में से एक है। जहां बच्चे बहुत ज्यादा एंजॉय करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ बच्चों के लिए है। यहां हर उम्र के लोग इंजॉय कर सकते हैं। सैर सपाटा की एंट्री फीस ₹30 है। इसका निर्माण मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किया गया था। भोपाल का यह खूबसूरत स्थान लगभग 25 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। जहां पर पर्यटक म्यूजिकल फाउंटेन, चिल्ड्रन प्ले एरिया और स्विंग ब्रिज (swing bridge) देख सकते हैं। सैर सपाटा में आप टॉय ट्रेन (toy train) और बोट राइडिंग (boat riding) का भी मजा ले सकते हैं। 4. गौहर महल (Gohar Mahal) गौहर महल को भोपाल की पहली महिला शासक गौहर बेगम ने 1820 ईसवी में बनवाया था। गौहर महल इस शहर के सबसे भव्य महलों (palace) में से एक है। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग जाते हैं। भोपाल की यह ऐतिहासिक इमारत (Historical place) हिंदू और मुगल स्थापत्य कला के मिश्रण का एक बेहतरीन नमूना पेश करती है। इतिहास को पसंद करने वाले लोगों के घूमने के लिए यह जगह परफेक्ट है। 5. मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum) मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम एक ऐसा म्यूजियम है, जहां लोग जनजाति समूह के लोगों के जीवन (learn about tribal life) को बहुत अच्छे से समझ सकते हैं और जनजाति वर्ग को और ज्यादा करीब से जान सकते हैं। यह भोपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। जहां आपको जनजाति समूह के जीवन शैली (tribal lifestyle) को दर्शाने वाले शोपीसों का कलेक्शन (collection) देखने को मिलेगा। यहां पर रखा गया हर एक शो पीस आदिवासियों के कला, जीवन और संस्कृति को बहुत हीं बेहतरीन तरीके से दर्शाता है। यहां पर रखे गए वस्तुओं के संग्रह के मदद से यहां आने वाले टूरिस्ट जनजातियों के समूह के जीवन को और नजदीक से समझ पाते हैं। 6. पीपल्स मॉल (Peopel’s Mall) पीपल्स मॉल भोपाल शहर के उत्तरी छोर पर मौजूद है। जहां पर दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृति बनाई गई है। घूमने के अलावा यहां पर खाने-पीने की कैंटींस (canteens) और बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया (childrens play area) और वाटर पार्क (water park) भी मौजूद है। यह भोपाल शहर में स्थित फैमिली और फ्रेंड्स के साथ बिताने के लिए यह एक आदर्श पिकनिक का स्पॉट (picnic spot) है। जहां आप परफेक्ट फैमिली टाइम (spend family time) बिता सकते हैं। 7. भोजपुर शिव मंदिर (Bhojpur Shiva temple) भोपाल शहर से करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर भोजपुर नामक स्थान पर एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसके बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण महाराजा भोजराज प्रथम ने 1010 ई से 1055 ई के बीच करवाया था। अगर आप इस मंदिर में सुबह-सुबह आ जाएंगे तो यहां की सुबह की आरती देखकर आपका मन बहुत हीं प्रसन्न हो जाएगा। यह मंदिर इतनी खूबसूरत लोकेशन (beautiful location) पर है कि यहां आने के बाद आपको चारों ओर बस ग्रीनरी हीं ग्रीनरी देखने को मिलेगी। यह मंदिर पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां भारत के कोने-कोने से लोग भोजेश्वर महादेव का दर्शन करने आते हैं। अगर आप भी भोपाल जा रहे हैं तो आप भी इस मंदिर को एक बार जरुर विजिट (Must visit) करें। यहां के हवाओं में घुली हुई पॉजिटिविटी (positivity and divinity) आपको बहुत हीं बेहतरीन एहसास दिलाएगा। 8. भीमबेटका की गुफ़ाएँ (Bhimvetka caves) भीमबेटका की खोज डॉ विष्णु श्रीधर वकाडकर ने 1957-1958 के बीच की थी। यहां के पत्थरों पर प्राचीन मानव सभ्यता के चित्रकारी का दृश्य देखने को मिलता है। माना जाता है कि यह चित्रकारी (paintings) करीब 1 लाख साल पुरानी है। अगर आप इसे अच्छे से समझ कर घूमना चाहते हैं तो भीमबेटका में घूमने के लिए आपको लगभग 1 घंटे का समय लग सकता है। यह जगह इतिहास प्रेमियों के लिए एक मस्ट विजिट विजिटिंग प्लेस है। यहां