Gujarat Navratri 2026: गरबा से लेकर घूमने तक, पूरी गाइड
नौ रातें, रंग-बिरंगे कपड़े, ढोल की थाप, घूमते हुए गरबा के घेरे और हर तरफ उत्सव का माहौल! अगर आप Navratri के दौरान गुजरात घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह सफर आपके लिए किसी यादगार अनुभव से कम नहीं होगा। यहाँ त्योहार सिर्फ मंदिरों में पूजा करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शहरों की गलियों से लेकर बड़े मैदानों तक संगीत, नृत्य और स्थानीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। साल 2026 में शारदीय Navratri 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक मनाई जाएगी, जबकि विजयादशमी 20 अक्टूबर को है। इन नौ दिनों में अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में गरबा की खास रौनक देखने को मिलती है। गुजरात के गरबा को दिसंबर 2023 में UNESCO की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में भी शामिल किया गया था। यानी यह सिर्फ एक लोकप्रिय नृत्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। अगर आप भी इस बार गुजरात में Navratri मनाने की सोच रहे हैं, तो होटल और गरबा पास बुक करने से लेकर घूमने की जगहों और पहनावे तक, यह ट्रैवल गाइड आपकी तैयारी आसान बना सकती है। गुजरात के चार शहर, जहाँ Navratri का रंग सबसे खास है वडोदरा: गरबा के लिए पहली पसंद अगर गुजरात में गरबा देखने के लिए सिर्फ एक शहर चुनना हो, तो वडोदरा यानी बड़ौदा एक बढ़िया विकल्प है। यहाँ गरबा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा उत्सव है। रात होते ही पारंपरिक कपड़ों में सजे लोग गरबा मैदानों की ओर निकलते हैं और ढोल, संगीत व तालियों के साथ पूरा माहौल बदल जाता है। वडोदरा का United Way of Baroda गरबा आयोजन देश के सबसे चर्चित आयोजनों में गिना जाता है। यहाँ शामिल होने के लिए पास, प्रवेश के नियम और आयोजन की जानकारी पहले से जाँचना जरूरी है। हर साल टिकट की उपलब्धता, समय और प्रवेश संबंधी शर्तें अलग हो सकती हैं, इसलिए पुराने साल की जानकारी के भरोसे न रहें। वडोदरा उन लोगों के लिए अच्छा है जो पारंपरिक गरबा का अनुभव लेना चाहते हैं। दिन में आप शहर की ऐतिहासिक इमारतें देख सकते हैं और रात को गरबा आयोजन में शामिल हो सकते हैं। अहमदाबाद: बड़े आयोजन, बाजार और पुरानी गलियों का आकर्षण अहमदाबाद में Navratri का अनुभव कई रंगों में मिलता है। यहाँ बड़े मैदानों में आयोजित गरबा कार्यक्रमों के साथ मोहल्लों और पुरानी बस्तियों में होने वाले पारंपरिक आयोजन भी देखने को मिलते हैं। शहर की खास बात यह है कि एक तरफ आधुनिक आयोजन मिलते हैं, तो दूसरी ओर पुराने शहर की सांस्कृतिक पहचान भी महसूस होती है। GMDC Ground अहमदाबाद के चर्चित गरबा स्थलों में शामिल रहा है। इसके अलावा अलग-अलग क्लब और निजी आयोजन भी होते हैं। किसी आयोजन को चुनने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें, क्योंकि सभी कार्यक्रमों में प्रवेश की शर्तें एक जैसी नहीं होतीं। दिन में घूमने के लिए साबरमती आश्रम और पुराने अहमदाबाद की ऐतिहासिक गलियाँ अच्छे विकल्प हैं। खरीदारी का मन हो, तो Law Garden के आसपास पारंपरिक कपड़ों, कढ़ाई वाले बैग और ऑक्सीडाइज़्ड ज्वेलरी की दुकानें देख सकते हैं। खाने के शौकीन हैं, तो स्थानीय गुजराती नाश्ते और स्ट्रीट फूड के लिए भी समय निकालें। सूरत: आधुनिक आयोजन और खाने-पीने की रौनक सूरत अपने कपड़ा उद्योग, हीरों के कारोबार और खाने-पीने की विविधता के लिए जाना जाता है। Navratri के दौरान यहाँ बड़े आयोजन, सजाए गए मैदान और रंगीन पारंपरिक कपड़े उत्सव का हिस्सा बन जाते हैं। सूरत में गरबा के लिए अलग-अलग कन्वेंशन सेंटर, क्लब और पार्टी प्लॉट में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सरसाना क्षेत्र और डूमस रोड की तरफ भी आयोजन मिल सकते हैं, लेकिन किसी खास कार्यक्रम का नाम, टिकट और समय तय करने से पहले उस साल की आधिकारिक घोषणा जरूर जाँचें। अगर आप सिर्फ गरबा ही नहीं, बल्कि शहर का स्वाद भी जानना चाहते हैं, तो दिन में स्थानीय बाजारों और खाने-पीने की जगहों पर जा सकते हैं। ध्यान रखें कि त्योहार की रातों में लोकप्रिय जगहों पर भीड़ और ट्रैफिक बढ़ सकता है, इसलिए अपने होटल और आयोजन स्थल के बीच की दूरी देखकर ही योजना बनाएँ। राजकोट: सौराष्ट्र की संस्कृति के करीब सौराष्ट्र क्षेत्र की संस्कृति को समझने के लिए राजकोट एक अच्छा ठहराव हो सकता है। यहाँ Navratri के दौरान बड़े आयोजनों के साथ स्थानीय स्तर पर भी गरबा की रौनक देखने को मिलती है। संगीत, पारंपरिक पहनावा और स्थानीय लोगों की भागीदारी इस उत्सव को खास बनाती है। राजकोट में किसी बड़े गरबा आयोजन में जाने की योजना है, तो पहले पता कर लें कि वहाँ किस तरह का पास चाहिए और क्या कोई ड्रेस कोड लागू है। पारंपरिक पोशाक पहनना अनुभव को और खास बना सकता है, लेकिन हर आयोजन में एक जैसे नियम लागू हों, यह जरूरी नहीं है। अगर आप शहर की संस्कृति के साथ सौराष्ट्र का स्थानीय खानपान और बाजार भी देखना चाहते हैं, तो दिन में घूमने और रात में गरबा करने का कार्यक्रम बना सकते हैं। गरबा के साथ गुजरात के इन धार्मिक स्थलों के दर्शन करें अंबाजी मंदिर गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शामिल अंबाजी मंदिर माँ अम्बा को समर्पित है। Navratri के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। मंदिर के आसपास भक्तिभाव का माहौल रहता है और कई लोग गब्बर पहाड़ी की यात्रा भी करते हैं। अगर आप अंबाजी जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यात्रा का समय, दर्शन की व्यवस्था और स्थानीय परिवहन पहले से देख लें। त्योहार के दौरान भीड़ अधिक हो सकती है, इसलिए एक ही दिन में बहुत सारी जगहें देखने की योजना बनाने से बचें। पावागढ़ और कालिका माता मंदिर पावागढ़ पहाड़ी पर स्थित कालिका माता मंदिर श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसके आसपास चांपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान भी है, जिसे UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता मिली हुई है। यहाँ धार्मिक यात्रा के साथ इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वालों को भी काफी कुछ देखने को मिलता है। पहाड़ी पर जाने से पहले रोपवे, पैदल रास्ते और मंदिर की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी जरूर लें। अगर आप वडोदरा जा रहे हैं, तो पावागढ़