Delhi में 2 अक्टूबर को Rajghat पर होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम
2 अक्टूबर को दिल्ली का माहौल बाकी दिनों से थोड़ा अलग होता है। सुबह शहर की रफ्तार शुरू होने से पहले ही राजघाट के आसपास हलचल बढ़ जाती है। कहीं सुरक्षा व्यवस्था दिखाई देती है, कहीं श्रद्धांजलि देने आने वाले लोग नजर आते हैं और कहीं गांधी जी के प्रिय भजनों की आवाज सुनाई देती है। यह दिन सिर्फ गांधी जयंती की वजह से खास नहीं होता, बल्कि दिल्ली को थोड़ा अलग अंदाज में देखने का मौका भी देता है। अगर आप 2 अक्टूबर को दिल्ली में हैं या इस दिन राजधानी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो Rajghat को अपनी यात्रा में शामिल किया जा सकता है। लेकिन यहां जाने से पहले यह समझना जरूरी है कि गांधी जयंती के दिन सुबह का समय सामान्य दिनों जैसा नहीं रहता। राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की वजह से सुरक्षा और आवाजाही में बदलाव हो सकते हैं। और अगर आप सोच रहे हैं कि 2 अक्टूबर के बाद दिल्ली में घूमने का क्या प्लान बनाया जाए, तो इसके लिए अक्टूबर का मौसम भी काफी काम आता है। बारिश का असर कम होने लगता है, गर्मी धीरे-धीरे कम होती है और शाम के समय बाहर निकलना पहले के मुकाबले आरामदायक लगने लगता है। इसलिए इस पूरे गाइड में बात सिर्फ Rajghat की नहीं होगी। हम जानेंगे कि गांधी जयंती पर यहां क्या खास होता है, आसपास क्या देखा जा सकता है, मेट्रो से कैसे पहुंचें, ट्रैफिक को लेकर क्या ध्यान रखें और अक्टूबर की शाम को दिल्ली में कहां घूम सकते हैं। 2 अक्टूबर को Rajghat क्यों खास हो जाता है? महात्मा गांधी की समाधि Rajghat दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्मारकों में से एक है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर यहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस दौरान देश के बड़े संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोग गांधी जी को श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। सामान्य पर्यटक के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 2 अक्टूबर की सुबह Rajghat का माहौल सामान्य पर्यटक स्थल जैसा नहीं होता। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी रहती है और कार्यक्रम के समय आम लोगों की आवाजाही पर पाबंदी या सीमाएं लग सकती हैं। इसलिए अगर आपका मकसद शांतिपूर्वक स्मारक देखना है, तो कार्यक्रम के बाद का समय ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है। गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है और इस दिन देशभर में गांधी जी को याद किया जाता है। भारत सरकार के गांधी से जुड़े संस्थानों में भी इस दिन उनके जीवन, विचार और काम से संबंधित कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। Rajghat पर प्रार्थना सभा में क्या होता है? गांधी जयंती के दिन Rajghat पर होने वाला श्रद्धांजलि कार्यक्रम काफी शांत और गरिमापूर्ण माहौल में होता है। यहां गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की जाती है और प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है। कार्यक्रम के दौरान गांधी जी से जुड़े प्रिय भजन और सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन भी किया जाता है। यही वजह है कि 2 अक्टूबर की सुबह Rajghat का वातावरण बाकी दिनों से बिल्कुल अलग महसूस होता है। हालांकि आम पर्यटक के लिए यह समझना जरूरी है कि राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में प्रवेश आम घूमने वाले पर्यटक की तरह नहीं होता। सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की जरूरत के अनुसार प्रवेश व्यवस्था बदल सकती है। इसलिए अगर आप खास तौर पर प्रार्थना सभा देखने के लिए जा रहे हैं, तो निकलने से पहले उस दिन की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें। Rajghat का परिसर कैसा है? पहली बार Rajghat पहुंचने पर आपको यहां की सादगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचेगी। यह जगह किसी भव्य महल या ऊंची इमारत जैसी नहीं है। यहां का मुख्य आकर्षण गांधी जी की साधारण समाधि है, जिसके आसपास खुला हरा-भरा परिसर है। समाधि काले पत्थर से बनी है और उसके पास अखंड ज्योति जलती रहती है। चारों तरफ हरियाली होने की वजह से इस जगह का वातावरण काफी शांत महसूस होता है। यही सादगी Rajghat को बाकी कई स्मारकों से अलग बनाती है। यहां घूमते समय लोग आमतौर पर धीमी आवाज में बात करते हैं और कुछ देर बैठकर या परिसर में चलते हुए जगह को महसूस करते हैं। अगर आप फोटो लेने के शौकीन हैं तो भी यहां शांति और स्मारक की गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है। कैमरा इस्तेमाल करते समय आसपास के निर्देशों का पालन करें और फ्लैश से बचें। Rajghat जाने से पहले जूते और सुरक्षा का ध्यान रखें Rajghat में मुख्य समाधि के पास जाने से पहले जूते-चप्पल उतारने पड़ सकते हैं। इसलिए यात्रा के दिन ऐसे जूते पहनना बेहतर रहेगा जिन्हें आसानी से उतारा और पहना जा सके। प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच भी हो सकती है। बड़े बैग या ऐसी चीजें लेकर जाने से बचें जिनकी वजह से सुरक्षा जांच में ज्यादा समय लगे। गांधी जी की समाधि एक शांत स्मारक है, इसलिए यहां घूमते समय तेज आवाज में बात करना, किसी तरह की अव्यवस्था करना या सिर्फ फोटो खींचने के लिए भीड़ लगाना सही नहीं रहेगा। 2 अक्टूबर को Rajghat जाने का सही समय कौन-सा है? अगर आपका मकसद राष्ट्रीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होना नहीं बल्कि Rajghat को सामान्य पर्यटक की तरह देखना है, तो सुबह के कार्यक्रम के आसपास जाने से बचना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा। 2 अक्टूबर की सुबह सुरक्षा व्यवस्था ज्यादा कड़ी हो सकती है और आसपास के रास्तों पर भी आवाजाही प्रभावित हो सकती है। आम पर्यटक के लिए कार्यक्रम खत्म होने के बाद का समय बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन उस दिन के वास्तविक प्रवेश नियम और खुलने का समय पहले जांच लेना जरूरी है। यह बात खास तौर पर बाहर से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। सिर्फ यह सोचकर घर से न निकलें कि स्मारक रोज की तरह खुला ही मिलेगा। गांधी जयंती के दिन व्यवस्था अलग हो सकती है। 2 अक्टूबर को दिल्ली में ट्रैफिक का क्या हाल रह सकता है? गांधी जयंती के राष्ट्रीय कार्यक्रमों की वजह से Rajghat और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ सकती है। ऐसे मौकों पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अलग से यातायात सलाह और मार्ग परिवर्तन जारी करती है। इसलिए 2 अक्टूबर को अगर आप कार या बाइक से Rajghat जाने