Dharamkot Travel Guide: कैफे, ट्रेक और घूमने की जगहें
हिमाचल प्रदेश घूमने का प्लान बनाते समय ज्यादातर लोगों के दिमाग में मैक्लॉडगंज, भागसू वॉटरफॉल और त्रियुंड का नाम आता है। लेकिन अगर आप इन जगहों की भीड़ से थोड़ा दूर रहना चाहते हैं, तो Dharamkot आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। मैक्लॉडगंज से ऊपर बसा यह छोटा-सा पहाड़ी गाँव अपने शांत माहौल, हरे-भरे जंगलों और खूबसूरत कैफे के लिए जाना जाता है। Dharamkot की सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ घूमने के लिए आपको हर समय किसी बड़ी जगह या मशहूर पर्यटन स्थल की तलाश नहीं करनी पड़ती। कभी किसी छोटे कैफे की खिड़की से पहाड़ों को देखना, कभी देवदार के पेड़ों के बीच टहलना और कभी चाय की चुस्कियों के साथ कुछ देर बैठना भी आपकी यात्रा को खास बना सकता है। यहाँ की गलियों में चलते हुए ऐसा लगता है, जैसे शहर की भागदौड़ पीछे छूट गई हो। समुद्र तल से लगभग 2,100 मीटर की ऊँचाई पर बसा Dharamkot उन यात्रियों को पसंद आता है, जो कुछ दिन पहाड़ों के बीच आराम से बिताना चाहते हैं। यहाँ देश-विदेश से आने वाले यात्री, योग सीखने वाले लोग और पहाड़ों में रहकर काम करने वाले लोग भी मिलते हैं। अगर आप घूमने के साथ थोड़ा आराम करना चाहते हैं, तो Dharamkot को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं। मैक्लॉडगंज, भागसू और Dharamkot में क्या फर्क है? पहली बार धर्मशाला आने वाले लोगों को अक्सर समझ नहीं आता कि मैक्लॉडगंज, भागसू और Dharamkot अलग-अलग जगहें हैं या एक ही इलाके के हिस्से हैं। ये तीनों आसपास हैं, लेकिन हर जगह का अपना अलग माहौल है। मैक्लॉडगंज में मुख्य बाजार, तिब्बती संस्कृति और पर्यटकों की काफी चहल-पहल देखने को मिलती है। भागसू अपने भागसू नाग मंदिर, वॉटरफॉल और आसपास के कैफे के लिए मशहूर है। वहीं Dharamkot इन इलाकों से थोड़ा ऊपर है और यहाँ का माहौल तुलनात्मक रूप से शांत महसूस होता है। अगर आप खरीदारी करना चाहते हैं, तो मैक्लॉडगंज अच्छा विकल्प है। झरना देखना है, तो भागसू जा सकते हैं। लेकिन अगर आपका मन पहाड़ों के बीच आराम से समय बिताने, किताब पढ़ने, कैफे में बैठने और जंगलों में टहलने का है, तो Dharamkot आपको ज्यादा पसंद आ सकता है। Dharamkot के कैफे: जहाँ खाने के साथ पहाड़ों का नजारा भी मिलता है Dharamkot की यात्रा का एक मजेदार हिस्सा यहाँ के छोटे और आरामदायक कैफे हैं। कुछ जगहों पर आपको पहाड़ों के शानदार नजारे मिलते हैं, तो कहीं घर जैसा खाना, ताजा बेकरी आइटम और कॉफी का अच्छा विकल्प मिल जाता है। कई यात्री यहाँ सिर्फ खाना खाने नहीं, बल्कि घंटों बैठकर आराम करने भी आते हैं। हर कैफे का मेन्यू, खुलने का समय और कीमत अलग हो सकती है। इसलिए किसी खास जगह पर जाने से पहले उसकी ताजा जानकारी देख लेना अच्छा रहेगा। 1. मॉर्गन प्लेस: पहाड़ों के नजारे के साथ खाना Dharamkot में अगर आप ऐसी जगह बैठना चाहते हैं, जहाँ खाने के साथ आसपास की खूबसूरती का भी मजा मिले, तो मॉर्गन प्लेस को अपनी सूची में रख सकते हैं। यहाँ की टेरेस से मौसम साफ होने पर कांगड़ा घाटी के खूबसूरत नजारे दिखाई दे सकते हैं। यहाँ पिज्जा और पास्ता जैसे विकल्प पसंद किए जाते हैं। दोपहर के बाद या शाम के समय यहाँ बैठकर पहाड़ों को देखना अच्छा अनुभव हो सकता है। अगर आप दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं या अकेले कुछ समय आराम से बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके प्लान में शामिल हो सकती है। 2. बोधी ग्रीन्स: हल्का और वेगन खाना पसंद करने वालों के लिए Dharamkot में बोधी ग्रीन्स उन लोगों के बीच जाना जाता है, जो वेगन यानी बिना किसी पशु-आधारित सामग्री वाला खाना पसंद करते हैं। यहाँ पौधों से बनी सामग्री से तैयार भोजन और मीठे व्यंजनों के विकल्प मिल सकते हैं। अगर आप रोज के पिज्जा, बर्गर या भारी खाने से कुछ अलग आजमाना चाहते हैं, तो इस तरह के कैफे में जाना अच्छा रहेगा। यात्रा के दौरान खाने की आदतों का ध्यान रखने वाले लोगों के लिए भी यह एक विकल्प हो सकता है। जाने से पहले मेन्यू और उपलब्ध व्यंजनों की जानकारी जरूर देख लें। 3. द बर्डहाउस केकरी: बेकरी के शौकीनों के लिए अगर आपको ताजा ब्रेड, कुकीज और केक पसंद हैं, तो द बर्डहाउस केकरी आपके काम की जगह हो सकती है। यहाँ बेकरी के कई तरह के आइटम मिलते हैं और लंबे ट्रेक पर जाने वाले यात्री रास्ते के लिए कुछ खाने का सामान भी ले सकते हैं। Dharamkot से त्रियुंड जैसे ट्रेक पर निकलने से पहले हल्का नाश्ता साथ रखना अच्छा रहता है। हालांकि, सिर्फ कुकीज या ग्रेनोला पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त पानी और अपनी जरूरत के हिसाब से दूसरा खाना भी साथ रखें। पहाड़ों में चढ़ाई के दौरान शरीर को ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। 4. खानाबदोश कैफे: बजट में खाने का विकल्प Dharamkot में अगर आप हर बार महंगे कैफे में खाना नहीं चाहते, तो खानाबदोश कैफे जैसे बजट विकल्प तलाश सकते हैं। यहाँ भारतीय और दक्षिण भारतीय खाने की चीजें मिल सकती हैं। डोसा और वड़ा पाव जैसे विकल्प उन यात्रियों के लिए अच्छे हैं, जो घूमने के बीच पेट भरकर कुछ खाना चाहते हैं। अगर आप Dharamkot में कई दिन रुकने वाले हैं, तो खाने के खर्च पर ध्यान देना जरूरी है। हर दिन महंगे कैफे में खाने से बजट बढ़ सकता है। ऐसे में एक-दो किफायती जगहों को पहले से पहचान लेना आपके काम आएगा। कीमतें और समय बदल सकते हैं, इसलिए जाने से पहले जानकारी जांच लें। 5. ट्रेक एंड डाइन: ट्रेक पर जाने वालों के लिए Dharamkot और आसपास के ट्रेकिंग रास्तों पर घूमने वालों के लिए ट्रेक एंड डाइन जैसे कैफे आराम करने और कुछ खाने का विकल्प हो सकते हैं। लंबे समय तक पैदल चलने से पहले नाश्ता करना और लौटने के बाद कुछ गर्म खाना मिलना काफी अच्छा लगता है। अगर आप Dharamkot की यात्रा के दौरान लैपटॉप पर भी काम करना चाहते हैं, तो कैफे चुनने से पहले वहाँ इंटरनेट की उपलब्धता और बैठने की व्यवस्था के बारे में पूछ लें। पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट की रफ्तार हमेशा एक जैसी नहीं रहती। 6. मूनलाइट कैफे: तिब्बती खाने का