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Craft: Delhi Haat में देखें देशभर के कारीगरों की खास कला

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भारत की पहचान सिर्फ उसके बड़े स्मारकों और त्योहारों से नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आज भी ऐसे कारीगर हैं, जिनके हाथों से निकली छोटी-सी चीज में वर्षों पुरानी कला और परंपरा दिखाई देती है। इन्हीं कारीगरों और उनकी कला को करीब से देखने का मौका दिल्ली में मास्टर क्रिएशन्स–I 2026 के दौरान मिलने वाला है। यह आयोजन 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए में आयोजित किया जाएगा। Craft दिल्ली हाट के आधिकारिक आयोजन कैलेंडर में इस अवधि के लिए मास्टर क्रिएशन्स–I दर्ज है और इसमें राष्ट्रीय मेरिट प्रमाणपत्र प्राप्त कारीगरों तथा राज्य पुरस्कार विजेताओं की भागीदारी का उल्लेख है। अगर आपको हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, हाथ से बनी चीजें और अलग-अलग राज्यों की कारीगरी पसंद है, तो यह आयोजन आपके लिए सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि भारतीय कला को करीब से समझने का मौका भी हो सकता है। मास्टर क्रिएशन्स–I 2026 कब और कहां होगा? आयोजन: मास्टर क्रिएशन्स–I 2026 तारीख: 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 स्थान: दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली दिल्ली हाट में समय-समय पर देश के अलग-अलग हिस्सों के कारीगर और बुनकर अपनी कला लेकर आते हैं। मास्टर क्रिएशन्स जैसे आयोजन का उद्देश्य भी ऐसी पारंपरिक कारीगरी को लोगों के सामने लाना है। Craft आधिकारिक आयोजन कैलेंडर के अनुसार 16 से 31 अक्टूबर का स्लॉट मास्टर क्रिएशन्स–I के लिए रखा गया है। इसलिए अगर आप अक्टूबर में दिल्ली में हैं और सामान्य खरीदारी से कुछ अलग देखना चाहते हैं, तो इस आयोजन को अपनी घूमने की सूची में शामिल कर सकते हैं। यहां आखिर देखने को क्या मिलेगा? इस तरह के आयोजन की खासियत यह होती है कि यहां सिर्फ तैयार सामान नहीं दिखता, बल्कि उसके पीछे छिपी कारीगरी भी समझ में आती है। भारत के अलग-अलग राज्यों में लकड़ी पर नक्काशी, धातु का काम, कपड़े पर कढ़ाई, बुनाई, मिट्टी का काम, पारंपरिक चित्रकारी, सजावटी वस्तुएं और कई दूसरी शिल्प परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं। मास्टर क्रिएशन्स में आने वाले कारीगर अपने बनाए हुए उत्पादों को लोगों के सामने रखते हैं। इसलिए यहां घूमते हुए आपको एक ही जगह पर अलग-अलग तरह का Craft देखने को मिल सकता है। किसी वस्तु को देखकर पहली नजर में वह सिर्फ सजावट की चीज लग सकती है, लेकिन जब आप उसके पीछे लगी मेहनत के बारे में जानेंगे तो वही वस्तु अलग नजर आने लगेगी। कई पारंपरिक Craft ऐसी हैं जिनमें एक छोटी-सी वस्तु तैयार करने में कई घंटे, कई दिन या उससे भी ज्यादा समय लग जाता है। पुरस्कार विजेता कारीगरों की कला देखने का मौका इस आयोजन की सबसे खास बात इसके प्रतिभागी कारीगर हैं। सरकारी आयोजन कैलेंडर में मास्टर क्रिएशन्स–I के लिए राष्ट्रीय मेरिट प्रमाणपत्र प्राप्त कारीगरों और राज्य पुरस्कार विजेताओं का उल्लेख किया गया है। ऐसे पुरस्कार किसी कारीगर की वर्षों की मेहनत और कारीगरी को पहचान देने का एक माध्यम होते हैं। इसलिए यहां प्रदर्शित होने वाली चीजों को केवल बाजार में बिकने वाला सामान समझना ठीक नहीं होगा। Craft कई बार किसी वस्तु के पीछे कारीगर की पारिवारिक परंपरा होती है। कोई व्यक्ति अपने माता-पिता या दादा-दादी से कला सीखता है और फिर उसी काम को आगे बढ़ाता है। यही वजह है कि इस तरह के आयोजन में Craft को सिर्फ देखने के बजाय उसके पीछे की मेहनत को समझना भी जरूरी है। दिल्ली हाट में क्यों खास रहेगा यह आयोजन? दिल्ली हाट पहले से ही हस्तशिल्प और पारंपरिक भारतीय खान-पान के लिए जाना जाता है। अलग-अलग राज्यों के कारीगर यहां अपनी वस्तुएं लेकर आते रहे हैं। मास्टर क्रिएशन्स के आयोजन के लिए भी दिल्ली हाट का इस्तेमाल पहले किया जाता रहा है। उदाहरण के लिए, 2023 में विकास आयुक्त, हस्तशिल्प कार्यालय के आधिकारिक दस्तावेज में मास्टर क्रिएशन–I का आयोजन 16 से 31 अक्टूबर तक दिल्ली हाट, आईएनए में करने का उल्लेख मिलता है। 2026 के आधिकारिक दिल्ली हाट कैलेंडर में भी 16 से 31 अक्टूबर के बीच मास्टर क्रिएशन्स–I दर्ज है। इसलिए इस बार भी आयोजन के लिए दिल्ली हाट का माहौल काफी उपयुक्त रहेगा। यहां सिर्फ खरीदारी के लिए न जाएं अगर आप इस आयोजन में जा रहे हैं तो एक बात पहले से तय कर लें कि आपको सिर्फ खरीदारी नहीं करनी है। पहले पूरे परिसर में घूमकर चीजों को देखें। अलग-अलग कारीगरों की वस्तुओं को ध्यान से देखें। Craft अगर किसी वस्तु की बनाने की प्रक्रिया या उसकी कला के बारे में जानकारी लेने का मौका मिले, तो जरूर पूछें। किसी कारीगर से यह पूछना कि यह चीज किस सामग्री से बनी है, इसे बनाने में कितना समय लगता है या यह कला किस क्षेत्र से जुड़ी है—आपकी यात्रा को ज्यादा दिलचस्प बना सकता है। ऐसा करने से Craft आपके लिए सिर्फ सजावट की चीज नहीं रहेगा, बल्कि उसके पीछे की परंपरा भी समझ आएगी। घर के लिए कुछ अलग खरीदना चाहते हैं तो यह जगह काम की है त्योहारों का मौसम भी अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाता है। इसके कारण इस समय लोग घर की सजावट, उपहार और पारंपरिक चीजों की खरीदारी भी करते हैं। ऐसे में यहां मिलने वाली हस्तनिर्मित वस्तुएं सामान्य बाजार की वस्तुओं से अलग लग सकती हैं। अगर आप घर के लिए कुछ खरीदना चाहते हैं तो पहले यह देखें कि वह वस्तु आपके घर में वास्तव में इस्तेमाल होगी या सिर्फ देखकर अच्छी लग रही है। छोटी सजावटी वस्तुएं, पारंपरिक कलाकृतियां, हस्तनिर्मित कपड़े या दूसरे शिल्प उत्पाद आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन केवल भीड़ देखकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। पहले अलग-अलग दुकानों और कारीगरों की वस्तुएं देखें, फिर अपनी पसंद की चीज चुनें। कारीगर से सीधे खरीदारी का अनुभव अलग होता है हस्तनिर्मित वस्तु खरीदने का एक अलग अनुभव यह भी है कि कई बार आप उस व्यक्ति से सीधे बात कर पाते हैं जिसने वह चीज बनाई है। मशीन से बने एक जैसे कई सामानों की तुलना में हाथ से बनी वस्तुओं में छोटी-छोटी भिन्नताएं दिखाई दे सकती हैं। कहीं रंग थोड़ा अलग हो सकता है, कहीं डिजाइन में मामूली अंतर हो सकता है और कहीं हाथ की कारीगरी की वजह से हर वस्तु दूसरी से थोड़ी अलग हो सकती है। यही चीज Craft को खास बनाती है।

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Dilli Haat INA: दिल्ली में हस्तशिल्प और स्वाद की दुनिया 2026

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दिल्ली को अगर भारत का दिल कहा जाता है, तो Dilli Haat INA उस दिल का ऐसा हिस्सा है जहाँ पूरा भारत एक साथ धड़कता हुआ महसूस होता है। यह सिर्फ एक मार्केट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं, खानपान और कला का जीवंत उत्सव है। यहाँ कदम रखते ही ऐसा लगता है जैसे कोई व्यक्ति कुछ ही मिनटों में कश्मीर की ठंडी वादियों, राजस्थान के रंगों, गुजरात की कढ़ाई, बंगाल की मिठास, नागालैंड की जनजातीय संस्कृति और दक्षिण भारत की खुशबू से होकर गुजर आया हो। दिल्ली में घूमने के लिए वैसे तो कई प्रसिद्ध जगहें हैं, लेकिन Dilli Haat की पहचान बाकी जगहों से बिल्कुल अलग है। यहाँ आधुनिक शॉपिंग मॉल्स जैसी चमक-दमक नहीं, बल्कि भारत की मिट्टी की खुशबू महसूस होती है। यही वजह है कि यह जगह सिर्फ पर्यटकों ही नहीं, बल्कि दिल्ली वालों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है। लोग यहाँ सिर्फ खरीदारी करने नहीं आते, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को महसूस करने आते हैं। पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया और ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर्स ने भी Dilli Haat की लोकप्रियता को काफी बढ़ाया है। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब फूड व्लॉग्स और ट्रैवल ब्लॉग्स में यह जगह अक्सर दिखाई देती है। कई लोग यहाँ पारंपरिक खाना चखने आते हैं, तो कई लोग हस्तशिल्प और फोटोग्राफी के लिए। यही वजह है कि आज Dilli Haat दिल्ली की सबसे अनोखी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जगहों में गिना जाता है। आखिर Dilli Haat है क्या और इसे क्यों बनाया गया था? Dilli Haat INA को साल 1994 में दिल्ली पर्यटन विभाग और एनडीएमसी द्वारा विकसित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के अलग-अलग राज्यों के कारीगरों और शिल्पकारों को एक ऐसा मंच देना था जहाँ वे सीधे लोगों तक अपनी कला पहुँचा सकें। उस समय बड़े-बड़े मॉल्स और ब्रांडेड मार्केट्स तेजी से बढ़ रहे थे, जिसके कारण पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कलाकार धीरे-धीरे पीछे छूटते जा रहे थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए Dilli Haat का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया। पुराने समय में गाँवों और कस्बों में लगने वाले “हाट” सिर्फ बाजार नहीं होते थे, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल का केंद्र भी माने जाते थे। उसी पारंपरिक भारतीय बाजार संस्कृति को आधुनिक दिल्ली में दोबारा जीवित करने की कोशिश Dilli Haat के जरिए की गई। यही कारण है कि यहाँ आपको बड़े ब्रांड्स की दुकानें दिखाई नहीं देतीं। यहाँ मौजूद हर स्टॉल किसी न किसी राज्य के स्थानीय कारीगर या शिल्पकार से जुड़ी होती है। कई लोग ऐसे होते हैं जिनके परिवार पीढ़ियों से एक ही कला को आगे बढ़ाते आ रहे हैं। यही असलीपन इस जगह को बाकी मार्केट्स से अलग बनाता है। Dilli Haat को “मिनी इंडिया” क्यों कहा जाता है? भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी विविधता है और Dilli Haat उसी विविधता को एक ही जगह पर दिखाने का काम करता है। यहाँ घूमते हुए ऐसा लगता है जैसे पूरा भारत छोटे-छोटे हिस्सों में आपके सामने मौजूद हो। कश्मीर के पश्मीना शॉल, हिमाचल की ऊनी चीजें, राजस्थान की कठपुतलियाँ, गुजरात की शीशे वाली कढ़ाई, बिहार की मधुबनी पेंटिंग्स, ओडिशा की चाँदी की ज्वेलरी, नागालैंड के बाँस से बने सामान और दक्षिण भारत की पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी — यहाँ हर राज्य की कला अपनी अलग पहचान के साथ दिखाई देती है। सबसे खास बात यह है कि यहाँ स्टॉल्स समय-समय पर बदलती रहती हैं। यानी हर बार आने पर लोगों को कुछ नया देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि कई लोग बार-बार यहाँ आना पसंद करते हैं। यहाँ घूमते हुए सिर्फ खरीदारी नहीं होती, बल्कि भारत के अलग-अलग हिस्सों की परंपराओं और जीवनशैली को भी महसूस किया जा सकता है। कई कारीगर अपने उत्पादों के पीछे की कहानी भी बताते हैं, जिससे लोगों को यह समझने का मौका मिलता है कि भारत की पारंपरिक कलाएँ कितनी गहरी और ऐतिहासिक हैं। Dilli Haat का खाना आखिर इतना प्रसिद्ध क्यों माना जाता है? अगर Dilli Haat की सबसे बड़ी पहचान किसी चीज़ से जुड़ी है, तो वह यहाँ का फूड कल्चर है। यही कारण है कि खाने के शौकीनों के बीच यह जगह बेहद लोकप्रिय है। दिल्ली में ऐसी बहुत कम जगहें हैं जहाँ भारत के इतने सारे राज्यों का पारंपरिक खाना एक साथ चखा जा सके। यहाँ चलते हुए हर कुछ कदम पर खाने की नई खुशबू महसूस होती है। एक तरफ पंजाब के छोले-कुलचे और अमृतसरी लस्सी दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ राजस्थान की दाल-बाटी-चूरमा लोगों को आकर्षित करती है। कहीं बिहार की लिट्टी-चोखा मिलती है, तो कहीं बंगाल के रसगुल्ले और मिष्टी doi की मिठास लोगों को अपनी ओर खींचती है। दक्षिण भारत के डोसा, अप्पम और फिल्टर कॉफी से लेकर नागालैंड के स्मोक्ड पोर्क, सिक्किम के मोमोज़ और कश्मीर के कहवा तक — यहाँ का फूड सेक्शन सच में पूरे भारत की स्वाद यात्रा जैसा महसूस होता है। सबसे खास बात यह है कि कई स्टॉल्स पर खाना उसी राज्य के लोग बनाते हैं, जिससे स्वाद में असलीपन महसूस होता है। यही वजह है कि कई फूड व्लॉगर्स और यूट्यूब क्रिएटर्स Dilli Haat को दिल्ली का सबसे authentic regional food destination भी कहते हैं। यहाँ का माहौल बाकी मार्केट्स से इतना अलग क्यों लगता है? Dilli Haat की सबसे बड़ी खासियत इसका माहौल है। आधुनिक मॉल्स की कृत्रिम रोशनी और शोरगुल वाले वातावरण की तुलना में यहाँ सब कुछ ज्यादा प्राकृतिक और सांस्कृतिक एहसास देता है। पत्थरों से बने रास्ते, बाँस की संरचनाएँ, खुले बैठने के स्थान और लोक संगीत इस जगह को बेहद अनोखा बनाते हैं। शाम के समय यहाँ का माहौल और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है। रंग-बिरंगी रोशनियाँ, पारंपरिक कपड़ों में घूमते लोग, फूड स्टॉल्स से आती खुशबू और पृष्ठभूमि में बजता लोक संगीत इस जगह को किसी सांस्कृतिक मेले जैसा बना देता है। कई बार यहाँ लोक नृत्य प्रस्तुतियाँ, हस्तशिल्प प्रदर्शनियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ऐसे समय में Dilli Haat का पूरा वातावरण और भी ज्यादा जीवंत महसूस होता है। पर्यटकों, फोटोग्राफर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच यह जगह इतनी लोकप्रिय क्यों है? आज के समय में Dilli Haat सिर्फ खरीदारी और खाने तक सीमित नहीं रह गया है। यह जगह फोटोग्राफर्स, व्लॉगर्स और

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दिल्ली में कपल्स के लिए ये जगह हैं बिल्कुल परफेक्ट

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दोस्तों क्या आप भी अपने रोज के टाइम टेबल की वजह से अपने स्पेशल वन को टाइम नही दे पा रहे तो अब आप बिल्कुल भी फिक्र मत कीजिए । क्यूंकि हम आपको बताएंगे इस आर्टिकल में आपको कई अमेजिंग एंड रोमांटिक प्लेसिस के बारे में जो आपके क्वालिटी टाइम के लिए है एक दम परफेक्ट। 1. फाइव सेंसेज गार्डन (The Garden of Five Senses)-वैसे तो जहां कपल्स बैठ जाए वो जगह ही रोमांटिक हो जाती है, लेकिन ये जगह दिल्ली की सबसे रोमांटिक जगहों में से एक है। ये गार्डन बहुत वाइड एरिया (Wide area) में है और यहां के पूल, फव्वारे और बम्बू कोर्ट (Bamboo court), स्पेशल गार्डन और यहां तक कि कुछ रेस्तरां जैसे कई थीम भी है। एक रोमांटिक वॉकिंग ट्रेल (Romantic walking trail) के अलावा, इस जगह का माहौल ही इसे यूथ कपल्स (Youth couple) के बीच एक बड़ी हिट (hit) बनाता है जो की बाहर के शोर शराबे से बिल्कुल दूर है, तो अगर आप भी एक साथ कुछ समय बिताने की चाहत रखते हैं तो यहां जरूर आइए। 2. मिलेनियम इंद्रप्रस्थ पार्क (Milanium inderprasth park)-दिल्ली शहर का ये पार्क काफी रोमांटिक है और काफी डिमांड में भी है। अपने स्पेशल वन के साथ कुछ अंतरंग पल बिताने के लिए ये प्लेस एक दम परफेक्ट है। लेकिन कोशिश करे की आप अपने वर्किंग डेज में से कुछ समय निकालकर यहां आए क्यूंकि हॉलीडेज (Holidays) में इस जगह पर कई लोग फैमिली टाइम भी स्पेंड (spend) करते हैं जो आपके लिए सही नही है। 3. कुतुब मीनार मेमेंटो (Qutub Minar Memento)-दिल्ली में जोड़ों के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक, कुतुब मीनार को रोमांटिक बॉलीवुड स्टोरीज (Romantic Bollywood Stories) में कई बार दिखाया गया है। यहां आपको अपने लव्ड वन के साथ बात करने के लिए सही स्पेस और टाइम मिल जाएगा। 4. हुमायूं का टॉम्ब (Humayo tomb)-क्यूंकि जगह खुद भी एक लव सिंबल है। यह टॉम्ब सम्राट की पहली पत्नी द्वारा उनके प्यार की निशानी के तौर पर बनवाया गया था और इसलिए इस जगह की हवा में भी प्यार बहता है। इसका अट्रेक्टिंग आर्किटेक्ट (Attracting Architect) आगे चलकर ताज महल के निर्माण के लिए इंस्पिरेशन (Inspiration) बना। 5. वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to wander park)-नई दिल्ली के अट्रैक्शन लिस्ट में सबसे नया नाम वेस्ट टू वंडर पार्क का है। ये प्लेस उन कपल्स के लिए एक खूबसूरत जगह है जो एक साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहते हैं। पार्क में दुनिया के सात अजूबों के स्टेच्यू बनाए गए हैं। इस जगह की खास बात ये है की इस पार्क को बनाने के लिए 150 टन इंडस्ट्रियल और ऑटोमोबाइल वेस्ट का यूज करके बनाया गया है। शाम के समय पार्क सुंदर दिखता है जब पूरी जगह रोशनी से जगमगा उठती है, जिससे कपल्स के लिए काफी रोमांटिक एनवायरनमेंट क्रिएट होता है और यहां आपके लिए कई सेल्फी पॉइंट्स भी बनाए गए हैं जो आपकी डेट को मेमोरेबल बना देगा। 6. रोज़ कैफ़े (Rose cafe)-ये जगह अपनी ओल्ड डेकोरेशन स्टाइल (Old decoration style) और स्पेशल फूड के लिए जाना जाता है और यूथ के बीच एक नई पसंद बन गया है। ये पीसफुल जगह जरूर आपके डेट के साथ रोमांटिक मीट (Romantic Meet) या सर्पराइज (Surprize) के लिए परफेक्ट है। 7. दिल्ली हाट (Delhi haat)-दिल्ली हाट सच में दिल्ली के दिलवालों के घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। ये प्लेस शॉपिंग के लिए काफी अच्छा है जो की लड़कियों को काफी पसंद भी होता है। आप कपड़े (Cloths), पेंटिंग (Painting), हैंड क्राफ्ट (Hand craft), मिट्टी के बर्तन और यहां तक कि ज्वैलरी जैसी बहुत सारी चीजें खरीद सकते हैं और अपने प्यार को गिफ्ट में दे सकते हैं। एक बार जब आप खरीदारी का काम पूरा कर लें, तो आप दोनों वहां स्टालों पर डिलीशियस डिशिश (Delicious dishes) टेस्ट कर सकते हैं। इस जगह की सबसे अच्छी बात ये है कि आप बजटेड शॉपिंग (Budgeted shopping) कर सकते हैं । जिससे आपके पैसे भी ज्यादा खर्च नही होंगे और आपका लव्ड वन इंप्रेस (Impress) भी हो जाएगा। 8. अटलांटिक वाटर वर्ल्ड (Atlantic Water World)-मौज-मस्ती के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी जगहों में से एक, अटलांटिक वॉटर वर्ल्ड आप दोनों को कई घंटों तक खुशी से जोड़े रख सकता है। वेव अटैक (Wave Attack), यिप्पी लैंड (Yippee Land), लूपी (Loopy), रेसर (Loopy, Racer), ग्रेविटी (Gravity), स्टॉर्म आई (Storm Eye), टॉरनेडो (Tornado) और भी कई वाटर राइड्स हैं। पार्क में रेन डांस सेक्शन आपके एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है, जहां आप दोनों डांस कर सकते हैं। बिल्कुल वैसे ही जैसे आप किसी बॉलीवुड गाने में देखते हैं। आपके रोमांटिक पलों का बैकग्राउंड स्कोर बजाने के लिए इस जगह पर लाइव डीजे भी है। पार्क में सेल्फी प्वाइंट (Selfie point) आपकी यादों की अलमारी को भरने का काम करेगा। 9.एडवेंचर आईसलैंड (Adventure Island)-अपने पार्टनर को सचमुच इस एडवेंचर पार्क में एक रोमांचक ट्रिप पर ले जाएं, जो आपको कई घंटों तक बिना रुके मौज-मस्ती का वादा करता है। जेड-फोर्स (Z-Force), स्काई राइडर (Sky Rider), साइड विंडर (Side Winder), ट्विस्टर (Twister), स्प्लैश डाउन (Splash Down), फ्लिप आउट (Flip Out), स्पेस जंप (Space Jump) और कई भी बहुत से अट्रैक्शनस (Attraction) हैं ।आप बोट राइड एंजॉय कर सकते हैं और पार्क के स्प्लैश पूल में समय बिता सकते हैं। पार्क के फ़ूड कोर्ट में डिलीशियस फूड (Delicious food) भी आपका इंतजार करेगा।

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Delhi Haat -Best Traditional Shopping Place in Delhi 

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हां, बेशक ही आपने दिल्ली हाट के बारे में तो सुना ही होगा, पर क्या आपको पता है दिल्ली में “तीन” हाट हैं। दिल्ली हाट सुनते ही सबके दिमाग में आने लगता है दिल्ली का सबसे लोकप्रिय हाट आई.एन.ए, पर इसके अलावा भी दिल्ली में दो हाट और मौजूद हैं, जनकपुरी और पीतमपुरा। आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे क्यों मशहूर हैं दिल्ली हाट और क्या है इसमें ख़ास। सबसे पहले बात करते हैं दिल्ली के सबसे मशहूर और लोकप्रिय हाट आई.एन.ए की। दिल्ली हाट आई.एन.ए तीनों हाटों में सबसे लोकप्रिय है आई.एन.ए, जहां आपको भारत की अलग-अलग कलाकृतियों की शानदार झलक देखने को मिलेगी। यहां पर आपको चंद मिनटों में पूरे भारत के दर्शन करने को मिलने वाले हैं इसके अलावा यहां पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों की कलाओं से बने हैंडमेड आइटम्स को प्रदर्शित करती दुकानें भी मिल जाएंगी। शॉपिंग आइटम्स की बात करें तो फुलकारी दुपट्टा, कश्मीरी शॉल्स, होम डेकॉर आइटम्स, जूलरी, जूत्ती और भी लगभग सभी दुकानें, काफी वैरायटी में यहां आपको आसानी से मिल जाएंगी। इसके अलावा आपको बता दें कि आई.एन.ए मार्किट अलग-अलग फ़ूड वेरायटीज के लिए भी काफी मशहूर है। दिल्ली हाट में मिलने वाला स्वादिष्ट खान-पान ‘दिल्ली हाट’ को ख़ास बनाता है। भारत के कोने -कोने से स्वाद का पिटारा लिए व्यंजनों की दुकानें यहाँ लगी हुई हैं।  पंजाब के ‘मक्के दी रोटी सरसों दा साग’ हो, बंगाल के ‘माछेर-झोल’ और दक्षिण भारत के ‘इडली डोसा’ हो या फिर बिहार के मशहूर लिट्टी-चोखा यहाँ सब कुछ अलग-अलग संस्कृतियों के स्वाद के साथ मौजूद है। आई.एन.ए मार्किट में समय-समय पर काफी प्रोग्राम्स डांस और म्यूजिक जैसे कार्यक्रम भी लगे रहते हैं। आई.एन.ए में एडल्ट्स के लिए एंट्री टिकट 30 रुपए, और बच्चों की टिकट 20 रुपए है। इसके अलावा टाइमिंग की बात करें तो सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक हफ्ते में सातों दिन यह मार्केट खुली रहती है। नियरेस्ट मेट्रो स्टेशन (यल्लो लाइन) दिल्ली हाट आई.एन.ए  है। दिल्ली हाट -जनकपुरी अगर आप दिल्ली हाट बाजार को एक्स्प्लोर करने जा रहे हैं, तो यहां पर आप हैंडमेड क्राफ्ट्स, कपडे, होमडेकोर आइटम्स और स्वादिष्ट खाने का अनुभव ले सकते हैं, पर दिल्ली हाट जनकपुरी अब समय के साथ इसके बिलकुल विपरीत हो चुका है। ये पहले जितना मशहूर था अब उतना ही खाली पड़ा है, अब ना तो यहां पहले जितनी दुकानें हैं और ना ही खान-पान की वैराइटी, तो लाज़िम है ज्यादा भीड़ की कोई गुंजाइश ही नहीं। आप जब भी यहां आएं तो ज़हन में यह रखकर आएं कि आपको यहां आकर खाने-पीने और शॉपिंग करने के ज्यादा अलटरनेट नहीं मिलेंगे। एंट्री फीस : यहां 20 रुप्पे एडल्ट्स के लिए और 10 रुप्पे बच्चों के लिए है। नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन : जनकपुरी वेस्ट। दिल्ली हाट- पीतमपुरा दिल्ली हाट पीतमपुरा, नेताजी सुभाष प्लेस में स्थित है जब यहां कोई इवेंट्स होते हैं तो दिल्ली हाट में आपको सौ से भी ज्यादा क्राफ्ट स्टाल्स लगे दिखाई देंगे जहां आपको हैंडमेड और हैंडलूम आइटम्स आदि मिल जाएंगे और आपकी जानकारी के लिए बता दें की समय-समय पर यहां इवेंट्स भी होते रहते हैं। इसके अलावा यहां आपको ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिलेगी। यहां भी एंट्री टिकट और टाइम और हाटों के जैसे ही हैं। लेकिन यहाँ ध्यान देने की बात है कि रोजाना बेसिस में सिर्फ दिल्ली हाट आई.एन.ए में ही आपको दिल्ली हाट की खूबसूरती दिखाई पड़ेगी। क्योंकि यहाँ पर आपको बारह महीनों रौनक दिखाई देगी।

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Dilli Haat INA, Delhi- History, Timings, How to Reach

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Dilli Haat-दिल्ली हाट: पारम्परिक भारत की खूबसूरत झलक अगर आपका लगाव ट्रेडिशनल चीज़ों से हैं और पारम्परिक खरीदारी और हस्तकलाओं का बेहद शौक रखते हैं और शहरी परिवेश में रहते हैं तो दिल्ली के आईएनए स्थित  दिल्ली हाट जरूर जाइएगा।  दिल्ली के शहरी परिवेश में ग्रामीण और पारम्परिक भारत का अहसाह कराने वाले बाजार यानी दिल्ली हाट (आईएनए) का अपना ही एक अलग स्वैग है। मेट्रो के आसान और सुहाने सफर का लुत्फ़ उठाते हुए उतर जाइए आईएनए मेट्रो स्टेशन पर। मेट्रो से बाहर निकलते ही सामने ही है आपका दिल्ली हाट।(Dilli Haat) किस समय यहाँ आना सबसे बेहतर हाट के परिसर में घुसते ही सामने ही टिकट घर है। आपको ये  टिकट घर कुछ अलग ही दिखाई देगा, जैसे मधुबनी की कोई हस्तनिर्मित झोपड़ी जो कि किसी का भी ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करेगी । यहाँ कोविड महामारी के बाद से पर्यटकों की कमी साफ दिखाई दी । और यहाँ  खरीददारी के लिए आने वालों की कमी का असर टिकट के दामों पर साफ साफ़ दिखाई दिया, जो टिकट 30 रुपये की  हुआ करती थी, इस वक्त वो 10 रुपये की कर दी गयी थी। पिछले एक साल से इस कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभाव पर्यटन और बाजारों पर ही देखने को मिला है। और खबर ये भी मिली कि दिल्ली हाट में खरीददारों के लिए आने वालों के लिए एक समय ये  एंट्री मुफ्त भी कर दी गई थी।(Delhi Haat) वैसे तो साल भर यहाँ पर्यटकों और खरीददारों का आना लगा रहता है लेकिन फिर भी अक्टूबर से मार्च का महीना यहाँ आने के लिए बेस्ट रहता है। लेकिन जब भी आपका मन कुछ एंटीक खरीदने का हो तब आप किसी भी समय यहाँ बेधड़क आ सकते हैं फिर चाहे कोई भी मौसम हो। ख़ूबसूरत पारम्परिक बाजार आप जैसे ही दिल्ली हाट में अंदर प्रवेश करेंगे  तो आपको लगेगा आप एक बारगी तो जैसे किसी गांव के पारम्परिक बाजार में पहुंच गए हो। ईंटो की जालीदार शैली से बने छोटे-छोटे कमरे एक कतार में बड़ी सुंदरता से बनाए गए हैं। वहां सभी दुकानों में सीमेंट के पलस्तर की जगह हाथों से लिपाई-पुताई की गई है, इस तरह हट नुमा घर की बनावट आपको किसी भी सामान्य भारतीय गांव में आसानी से देखने को मिल जाती है। शायद यही ख़ूबसूरती दिल्ली हाट को बाकी सभी बाज़ारों से अलग करता है। इसलिए यहाँ जितने लोग खरीददारी करने आते हैं उतने ही वीकेंड पर मौज मस्ती, खाने-पीने या यूँ कहिये अपना क्वालिटी टाइम बिताने भी आते हैं। ये हाट पूरे भारत की एक छोटी सी पारम्परिक झलक दिखाता है। हस्तकला और क्राफ्ट से संबंधित गांव इस जगह घूम कर आपको ऐसा लगेगा जैसे  देश के अलग-अलग हिस्सों से आये कारीगरों ने यहाँ अपना एक अलग हस्तकला और क्राफ्ट से संबंधित गांव बसा दिया दिया हो। कहीं कोई अपने खिलौने बेच रहा था तो कोई महिलाओं से सम्बंधित वस्तुएं। खास बात ये थी कि ज्यादातर पूरे हाट में महिलाओं से सम्बन्धित प्रोडक्ट ही दिखाई दे रहे थे। हर दूसरी शॉप में कोई न कोई  अपनी कारीगरी और कला का प्रदर्शन कर रहा था।  देश के हर कोने से हुनरमंदों को एक छत्त के नीचे लाने से न केवल इन कलाकारों के हुनर को एक विशेष पहचान मिल रही है बल्कि यह उनके लिए आय का भी एक बेहतरीन जरिया सिद्ध हो रहा है। यहाँ ख़रीददारी के लिए आने वाले  लोगो में इन हस्तनिर्मित चीज़ों को खरीदने की चाहत भी साफ देखी जा सकती थी। देश के छोटे-छोटे हिस्सों से आए इन कलाकारों के लिए ये जगह किसी सपने से कम नही वरना ऐसी कीमती कला कुछ हिस्सों तक सिमट कर रह जाती हैं और एक समय पर अपना अस्तित्व ही खो बैठती हैं। ओपन रंगमंच अगर आप परिवार और दोस्तों के साथ इस जगह पर आने की सोच रहे हों तो यह एक शानदार निर्णय रहेगा।  हाट के परिसर में सामने की ओर एक रंगमंच भी है जो मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है। इस ओपन रंगमंच में विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों द्वारा  पारम्परिक वाद्ययंत्र और संगीत की ध्वनि आपको थिरकने पर मजबूर कर देगीं। खान-पान के लिए भी प्रसिद्ध हस्तनिर्मित वस्तुओं और संगीत संध्या के अलावा दिल्ली हाट अपने खान-पान के लिए भी प्रसिद्ध है। विभिन्न कलाओं के साथ-साथ यहां के भोजन में भी पूरे भारत की झलक मिलती है। गुजराती ढोकला खाने की इच्छा हो या दक्षिण का उत्तपम यहां हर राज्य के पकवान आपका स्वागत करेंगे। सिक्किम से लेकर कश्मीर तक सब कुछ मिलेगा यहां। समझ लीजिए छोटा-सा भारत दिल्ली हाट के रूप में बसा दिया गया है। इतना तय है कि ये जगह आपको निराश तो बिल्कुल नहीं कर सकती।(Delhi Haat) तो आइये और छोटे भारत के दर्शन पर निकल पड़िए। मधुबनी से लेकर चिकनकारी तक सब कुछ है यहां। कोल्हापुरी हो या गोटापत्ती हर चीज़ आपको यहां देखने को मिलेगी तो इंतज़ार किस बात का शहरों के मॉल देख कर थक गए हो तो आओ कुछ नया अनुभव करने। ग्रामीण अनुभव और सुंदर कलाओं के इस जश्न में। Research – Nikki Rai Written & Edited by Pardeep Kumar You can visit our YouTube channel to explore more destinations- Like & Subscribe