Pink Saheli Smart Card सितंबर से दिल्ली बसों में Free Travel
दिल्ली में बस से सफर करने वाली महिलाओं के लिए आने वाले दिनों में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। अभी तक डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को कंडक्टर से पिंक टिकट लेना पड़ता था। लेकिन अब यह व्यवस्था बदलने जा रही है। 1 सितंबर 2026 से Pink Saheli Smart Card के बिना महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ नहीं मिलेगा। यानी अगर आप दिल्ली में रोजाना बस से सफर करती हैं, तो अब कागजी पिंक टिकट की जगह स्मार्ट कार्ड अपने पास रखना जरूरी होगा। इस बदलाव की तैयारी दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की तरफ से की जा रही है। पुराने कागजी टिकट की व्यवस्था खत्म करके यात्रा को डिजिटल बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इस बदलाव की तारीख पहले भी कई बार आगे बढ़ाई गई थी। पहले 1 अगस्त और फिर 16 अगस्त से नई व्यवस्था लागू करने की बात कही गई थी। लेकिन यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अब 31 अगस्त 2026 तक पुरानी व्यवस्था जारी रखने का फैसला किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि 31 अगस्त तक महिलाएं पुराने पिंक टिकट के जरिए मुफ्त सफर कर सकती हैं। लेकिन 1 सितंबर से बस में मुफ्त यात्रा के लिए Pink Saheli Smart Card जरूरी होगा। अगर उस दिन आपके पास कार्ड नहीं है, तो आपको सामान्य यात्री की तरह बस का किराया देना पड़ सकता है। Pink Saheli Smart Card क्या है? नाम से भले ही यह एक सामान्य स्मार्ट कार्ड जैसा लगे, लेकिन Pink Saheli Smart Card एक डिजिटल यात्रा कार्ड है। यह नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी एनसीएमसी तकनीक पर आधारित है। इसका इस्तेमाल महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा को डिजिटल तरीके से दर्ज करने के लिए किया जाएगा। कार्ड पर यात्री का नाम, फोटो और क्यूआर कोड जैसी जानकारी होगी। बस में सफर करते समय कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन यानी ईटीएम पर टैप करना होगा। कार्ड टैप होते ही आपकी मुफ्त यात्रा दर्ज हो जाएगी। इसके बाद कंडक्टर को पहले की तरह अलग से कागजी पिंक टिकट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यही इस पूरी व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव है। अभी बस में पिंक टिकट काटने में कुछ समय लगता है और भीड़ के कारण कंडक्टर को कई बार परेशानी होती है। Pink Saheli Smart Card आने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो सकती है। इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड से सरकार को यह समझने में भी मदद मिलेगी कि दिल्ली के किन मार्गों पर महिलाएं ज्यादा सफर करती हैं। इससे भविष्य में जरूरत के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाने और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। 1 सितंबर से क्या बदलेगा? सबसे बड़ा बदलाव यही है कि 1 सितंबर 2026 से कागजी पिंक टिकट की जगह Pink Saheli Smart Card का इस्तेमाल किया जाएगा। बस में चढ़ने के बाद कंडक्टर से पिंक टिकट मांगने की जरूरत नहीं होगी। आपको अपना कार्ड ईटीएम मशीन पर टैप करना होगा और आपकी मुफ्त यात्रा दर्ज हो जाएगी। इसलिए कार्ड बनवाने के बाद उसे घर पर रखकर भूल जाना सही नहीं होगा। सफर के दौरान इसे अपने साथ रखना जरूरी होगा। अगर आपके पास कार्ड नहीं है, तो मुफ्त यात्रा का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। इसलिए जिन महिलाओं को रोजाना डीटीसी या क्लस्टर बसों से यात्रा करनी पड़ती है, उनके लिए बेहतर होगा कि आखिरी तारीख का इंतजार न करें। किन लोगों के लिए है यह कार्ड? Pink Saheli Smart Card मुख्य रूप से दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए है। इसके लिए आवेदक का दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। योजना के अनुसार, 5 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कार्ड जारी किया जा सकता है। कार्ड बनवाने के लिए पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। सबसे जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड बताया गया है। आधार पर दिल्ली का पता होना महत्वपूर्ण है। अगर आधार कार्ड पर दिल्ली का पता अपडेट नहीं है, तो मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड या किसी दूसरे वैध निवास प्रमाण का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर भी जरूरी होगा। मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से पहचान का सत्यापन किया जाएगा। कार्ड पर लगाने के लिए पासपोर्ट आकार की रंगीन तस्वीर भी देनी होगी। कुछ मामलों में पूर्ण केवाईसी कार्ड के लिए पैन कार्ड जैसे अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। इसलिए कार्ड बनवाने जाने से पहले अपने सभी जरूरी कागज तैयार रखना बेहतर रहेगा। Pink Saheli Smart Card कैसे बनवाएं? कार्ड बनवाने के लिए दो तरीके बताए गए हैं। पहला तरीका ऑफलाइन है और दूसरा ऑनलाइन स्वयं पंजीकरण का है। अगर आप ऑफलाइन कार्ड बनवाना चाहती हैं, तो अपने नजदीकी अधिकृत डीटीसी बस डिपो, वितरण केंद्र या संबंधित जिला मजिस्ट्रेट और उपमंडल मजिस्ट्रेट कार्यालय में जा सकती हैं। इन केंद्रों पर कर्मचारियों द्वारा आपके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होगा और आपकी जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्ड जारी किया जा सकता है। दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर ऐसे कई केंद्र बनाए जाने की बात सामने आई है। इन केंद्रों का सामान्य कामकाज का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बताया गया है। हालांकि, जाने से पहले अधिकृत केंद्र की जानकारी जरूर जांच लें। घर बैठे ऑनलाइन आवेदन अगर आपको ऑनलाइन काम करने में आसानी है, तो Pink Saheli Smart Card के लिए स्वयं पंजीकरण का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए परिवहन विभाग या अधिकृत बैंक के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आधार और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने पर आपको क्यूआर पावती मिल सकती है। इस पावती को डाउनलोड करके रखना होगा। इसके बाद अधिकृत केंद्र पर जाकर पावती दिखाकर भौतिक कार्ड लिया जा सकता है। कुछ बैंक वीडियो केवाईसी की सुविधा भी दे सकते हैं। ऐसे मामलों में कार्ड आपके पते पर भेजे जाने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। अगर आपको ऑनलाइन आवेदन में परेशानी होती है, तो