Latest Travel Travel News & Information

IRCTC Meghalaya Tour Package: 7 Days में घूमें शिलॉन्ग

  • 0 Comments

अगर आप रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ दिनों के लिए दूर जाना चाहते हैं और ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां पहाड़, झरने, हरियाली और बदलता मौसम एक साथ देखने को मिले, तो Meghalaya आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। उत्तर-पूर्व भारत का यह राज्य अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए काफी मशहूर है। खासकर बारिश के मौसम में यहां की पहाड़ियां और जंगल इतने हरे हो जाते हैं कि सड़क से गुजरते हुए हर कुछ किलोमीटर पर नया नजारा दिखाई देता है। Meghalaya की सबसे खास बात यह है कि यहां घूमने के लिए सिर्फ एक शहर या एक जगह पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शिलॉन्ग का पहाड़ी शहर, चेरापूंजी के झरने, डावकी की उमंगोट नदी, मावलिनोंग की साफ-सुथरी गलियां और Living Root Bridges जैसे अनुभव एक ही यात्रा में मिल जाते हैं। लेकिन पहली बार Meghalaya जाने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यात्रा की तैयारी को लेकर होती है। कहां होटल लें, स्थानीय वाहन कैसे मिलेगा, किन जगहों को पहले देखें और पूरे सफर में कितना खर्च आएगा, इन सभी चीजों की अलग-अलग योजना बनानी पड़ती है। यहीं पर IRCTC के टूर पैकेज कई यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। पैकेज के अनुसार होटल, स्थानीय परिवहन, भोजन और घूमने की जगहों की व्यवस्था पहले से तय होती है। इससे खासकर परिवार के साथ या पहली बार उत्तर-पूर्व घूमने वाले यात्रियों के लिए सफर काफी आसान हो जाता है। Meghalaya को क्यों कहा जाता है बादलों का घर? Meghalaya नाम सुनते ही बारिश और बादलों का ख्याल आना स्वाभाविक है। यहां के कई इलाकों में बारिश का मौसम काफी लंबा रहता है। बारिश के बाद पहाड़ियों पर हरियाली और गहरी हो जाती है। झरनों में पानी का बहाव बढ़ जाता है और बादल कई बार इतनी ऊंचाई तक आ जाते हैं कि पूरी पहाड़ी धुंध में छिप जाती है। यहां मौसम कुछ ही समय में बदल सकता है। सुबह धूप निकल सकती है, दोपहर में बादल छा सकते हैं और थोड़ी देर बाद बारिश शुरू हो सकती है। पहाड़ी सड़कों पर चलते हुए एक तरफ गहरी घाटियां दिखाई देती हैं, तो दूसरी तरफ घने जंगल और छोटे-छोटे गांव नजर आते हैं। कहीं झरना सड़क के पास से गुजरता है, तो कहीं बादल पूरी पहाड़ी को ढक लेते हैं। यही प्राकृतिक माहौल Meghalaya को बाकी कई पर्यटन स्थलों से अलग बनाता है। IRCTC के साथ Meghalaya घूमने का फायदा अगर आप खुद से पूरी यात्रा प्लान करने की बजाय एक तय कार्यक्रम के साथ घूमना चाहते हैं, तो पैकेज टूर आपके लिए सुविधाजनक हो सकता है। Meghalaya के अलग-अलग टूर पैकेज की अवधि और सुविधाएं अलग रहती हैं। कुछ पैकेज छह रात और सात दिन के होते हैं, जबकि कुछ लंबे कार्यक्रमों में उत्तर-पूर्व के दूसरे राज्यों को भी शामिल किया जाता है। पैकेज चुनते समय केवल कीमत देखना सही नहीं है। आपको यह भी देखना चाहिए कि होटल किस श्रेणी का है, कमरे में कितने लोग रहेंगे, भोजन में क्या शामिल है, स्थानीय घूमने के लिए वाहन मिलेगा या नहीं और कौन-कौन से पर्यटन स्थल कार्यक्रम में शामिल किए गए हैं। इस तरह की जानकारी पहले से देखने पर बाद में होने वाले अतिरिक्त खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है।  6 रात और 7 दिन का Meghalaya Tour कैसा हो सकता है? अगर आपके पास करीब एक सप्ताह की छुट्टी है, तो छह रात और सात दिन का कार्यक्रम Meghalaya की प्रमुख जगहों को देखने के लिए ठीक समय दे सकता है। ऐसे पैकेज आमतौर पर गुवाहाटी से शुरू होते हैं। देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले यात्रियों के लिए गुवाहाटी पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है। यहां रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी दोनों उपलब्ध हैं। गुवाहाटी से आगे सड़क के रास्ते Meghalaya की ओर बढ़ा जाता है। जैसे-जैसे गुवाहाटी पीछे छूटता है, पहाड़ी इलाका शुरू होने लगता है और सड़क के दोनों तरफ का नजारा बदल जाता है। इसके बाद शिलॉन्ग को बेस बनाकर आसपास की जगहें देखी जा सकती हैं। आगे चेरापूंजी, डावकी और मावलिनोंग जैसे स्थान कार्यक्रम में शामिल किए जाते हैं। हालांकि किसी भी पैकेज की वास्तविक itinerary बुकिंग के समय जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि तारीख और पैकेज के अनुसार कार्यक्रम बदल सकता है।  गुवाहाटी से शुरू होता है पहाड़ों का सफर Meghalaya की यात्रा करने वालों के लिए गुवाहाटी एक महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु है। यहां पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से शिलॉन्ग की तरफ जाना पड़ता है। यह रास्ता अपने आप में काफी खूबसूरत है। मैदानों से निकलकर जब सड़क पहाड़ियों की तरफ बढ़ती है, तो वातावरण में साफ बदलाव महसूस होता है। सड़क के किनारे हरियाली बढ़ती जाती है और कई जगहों पर बादल पहाड़ियों के आसपास दिखाई देने लगते हैं। पहाड़ी रास्ते पर सफर करते समय जल्दबाजी करने के बजाय रास्ते का आनंद लेना बेहतर होता है। बारिश के मौसम में सड़क गीली हो सकती है और कुछ हिस्सों में दृश्यता कम हो सकती है। इसलिए वाहन चालक की सलाह मानना और मौसम के अनुसार धीरे चलना जरूरी है।  शिलॉन्ग: जहां से शुरू होती है Meghalaya की असली यात्रा Meghalaya की राजधानी शिलॉन्ग राज्य के सबसे लोकप्रिय पर्यटन शहरों में से एक है। यहां पहाड़ी शहर का माहौल देखने को मिलता है और आसपास कई प्राकृतिक जगहें मौजूद हैं। शिलॉन्ग पीक यहां का प्रमुख व्यूप्वाइंट है। मौसम साफ होने पर यहां से आसपास के पहाड़ी इलाकों और शहर का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है। बारिश या घने बादलों के समय दृश्यता कम हो सकती है, लेकिन उस समय पहाड़ियों पर छाई धुंध अपने आप में एक अलग नजारा देती है। एलीफेंट फॉल्स भी शिलॉन्ग की लोकप्रिय जगहों में शामिल है। बारिश के बाद यहां पानी का बहाव बढ़ जाता है और आसपास की हरियाली काफी घनी दिखाई देती है। शिलॉन्ग में घूमने के साथ स्थानीय बाजारों को देखना भी अच्छा अनुभव हो सकता है। यहां स्थानीय फल, मसाले, हस्तशिल्प और रोजमर्रा की कई चीजें मिल जाती हैं। शहर में कैफे और छोटे रेस्टोरेंट भी काफी हैं, जहां स्थानीय और दूसरे राज्यों के खाने का स्वाद लिया जा सकता है।  चेरापूंजी यानी सोहरा: झरनों और बारिश की धरती शिलॉन्ग से आगे चेरापूंजी यानी सोहरा की यात्रा शुरू होती है।