कालका-कटरा Train फिर शुरू, जानें किराया, Timing और Route
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु कटरा पहुंचते हैं। चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और आसपास के इलाकों से आने वाले यात्रियों के लिए रेल यात्रा हमेशा से आसान और बजट वाला विकल्प रही है। ऐसे में कालका से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली train का दोबारा शुरू होना यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लगभग छह महीने से बंद पड़ी कालका-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस अब फिर से चलने लगी है। इस सेवा के बहाल होने से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो माता के दर्शन के लिए बस या महंगे निजी वाहनों की बजाय train से सफर करना पसंद करते हैं। इस train के दोबारा शुरू होने से कालका, चंडीगढ़, मोहाली, पंजाब और जम्मू क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। खासकर धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है। आखिर इतने समय तक क्यों बंद रही train? कालका-कटरा एक्सप्रेस के बंद होने की वजह केवल सामान्य रेलवे काम नहीं था। पिछले मानसून में जम्मू क्षेत्र में हुई भारी बारिश और बाढ़ से रेलवे ट्रैक और पुलों को काफी नुकसान पहुंचा था। इस दौरान कठुआ और माधोपुर के बीच रेलवे ब्रिज नंबर 17 भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुल की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने इस हिस्से में ट्रेनों की आवाजाही रोक दी थी। इसके कारण कई train सेवाओं को रद्द करना पड़ा या उन्हें दूसरे रास्तों से चलाया गया। बारिश और बाढ़ के बाद रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस पुल को दोबारा सुरक्षित बनाना थी। इसके लिए लंबे समय तक मरम्मत और बहाली का काम किया गया। करीब नौ महीने तक चले काम के बाद रेलवे ने इस हिस्से को फिर से यातायात के लिए तैयार किया। इसके बाद जम्मू और कटरा की तरफ जाने वाली रेल सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। इसी बहाली के बाद कालका और कटरा के बीच चलने वाली train को भी दोबारा शुरू किया गया है। कालका से कटरा तक रातभर का सफर इस train की सबसे अच्छी बात यह है कि यात्रियों को रात के समय सफर करने का विकल्प मिलता है। यानी यात्री शाम को कालका से train में बैठ सकते हैं और अगली सुबह कटरा पहुंच सकते हैं। इससे दिनभर के काम निपटाने के बाद रात में यात्रा करना आसान हो जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 14503 नंबर की train कालका से हर मंगलवार और शुक्रवार को रवाना होती है। कालका से इसका प्रस्थान रात करीब 7:35 बजे होता है और अगले दिन सुबह लगभग 5:05 बजे यह श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचती है। सुबह कटरा पहुंचने के बाद श्रद्धालु होटल या धर्मशाला में सामान रखकर अपनी आगे की यात्रा की योजना बना सकते हैं। जो यात्री उसी दिन माता के दर्शन की योजना बना रहे हैं, उनके लिए सुबह कटरा पहुंचना काफी सुविधाजनक हो सकता है। करीब 479 किलोमीटर की दूरी तय करेगी train कालका से कटरा तक यह train लगभग 479 किलोमीटर की दूरी तय करती है। रास्ते में कई बड़े शहर और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन आते हैं। इसलिए यह सेवा केवल माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि रास्ते में आने वाले शहरों के यात्रियों के लिए भी काफी उपयोगी है। इस train में करीब 16 कोच बताए जा रहे हैं। इसमें अलग-अलग श्रेणी के कोच रखे गए हैं, ताकि कम बजट में यात्रा करने वाले यात्रियों से लेकर AC में सफर करने वालों तक सभी को विकल्प मिल सके। अगर आप परिवार के साथ कटरा जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी सुविधा और बजट के अनुसार कोच का चुनाव कर सकते हैं। कितना है टिकट का किराया? कालका से कटरा जाने वाले यात्रियों के लिए इस train में अलग-अलग श्रेणियों के विकल्प मौजूद हैं। स्लीपर क्लास का किराया करीब 310 रुपये बताया गया है। वहीं 3AC में सफर करने के लिए लगभग 810 रुपये और 2AC के लिए करीब 1,145 रुपये खर्च हो सकते हैं। हालांकि किराए में यात्रा की तारीख, कोच और रेलवे के लागू नियमों के अनुसार बदलाव हो सकता है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले उस दिन का वास्तविक किराया जरूर जांच लें। इस ट्रेन में जनरल कोच भी मौजूद हैं। कम बजट में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सबसे सस्ता विकल्प हो सकता है। हालांकि जनरल कोच में सीट की गारंटी नहीं होती। त्योहारों, छुट्टियों और धार्मिक आयोजनों के समय इसमें भीड़ काफी बढ़ सकती है। कौन-कौन से बड़े स्टेशन रास्ते में आएंगे? कालका से कटरा तक का सफर कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरता है। कालका से चलने के बाद train चंडीगढ़ पहुंचती है। इसके बाद इसका रास्ता मोहाली, लुधियाना, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू तवी और उधमपुर की तरफ बढ़ता है। आखिर में train श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचती है। इन स्टेशनों से अलग-अलग शहरों के लोग इस सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए इसे केवल कालका से कटरा जाने वाली train मानना सही नहीं होगा। यह train रास्ते में आने वाले कई शहरों के यात्रियों को भी जम्मू और कटरा की तरफ जाने का सुविधाजनक विकल्प देती है। चंडीगढ़ में कितना समय रुकेगी train? चंडीगढ़ इस रूट का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां train के संचालन और दूसरी प्रक्रियाओं की वजह से कुछ समय का ठहराव रहता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ में train करीब 25 से 30 मिनट तक रुक सकती है। अगर आप चंडीगढ़ से इस train में बैठने वाले हैं, तो स्टेशन पर समय से पहुंचना जरूरी है। केवल प्रस्थान का समय देखकर आखिरी मिनट में स्टेशन पहुंचना सही नहीं रहेगा। खासकर रात के समय चलने वाली train में यात्रियों को कोशिश करनी चाहिए कि वे कुछ समय पहले प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाएं। यात्रा से पहले चंडीगढ़ स्टेशन पर train के आने का वास्तविक समय जरूर जांच लें। लुधियाना के बाद बढ़ सकती है भीड़ जनरल कोच से सफर करने वाले यात्रियों के लिए इस रूट पर एक बात ध्यान रखने वाली है। शुरुआत में भीड़ अपेक्षाकृत कम हो सकती है, लेकिन लुधियाना पहुंचने के बाद यात्रियों की