Sawan में घूमने के 10 दिव्य शिव धाम
बारिश की पहली फुहार, मिट्टी की सोंधी खुशबू, चारों तरफ फैली हरियाली और मंदिरों में गूंजता “हर-हर महादेव”… यही एहसास लेकर आता है Sawan। हिंदू धर्म में Sawan का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस पूरे महीने देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। कोई जलाभिषेक करने निकलता है, कोई कांवड़ यात्रा करता है तो कोई महादेव के प्राचीन धामों के दर्शन के लिए लंबी यात्रा पर निकल पड़ता है। लेकिन Sawan सिर्फ पूजा-पाठ का महीना नहीं है। यही वह समय होता है जब हिमालय की वादियां हरियाली से भर जाती हैं, झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं और बादलों से घिरे पहाड़ किसी जादुई दुनिया जैसे दिखाई देते हैं। इसलिए अगर आप इस Sawan किसी ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां भक्ति, प्रकृति और रोमांच तीनों मिले, तो यह ट्रैवल गाइड आपके लिए है। तुंगनाथ महादेव अगर Sawan में किसी एक जगह की यात्रा सबसे पहले करनी चाहिए, तो वह है उत्तराखंड का तुंगनाथ महादेव मंदिर। समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है। यह पंच केदार में तीसरा केदार भी है और इसका संबंध महाभारत काल से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद पांडव भगवान शिव का आशीर्वाद लेने हिमालय पहुंचे थे। भगवान शिव उनसे नाराज होकर बैल का रूप धारण कर छिप गए। बाद में उनके शरीर के अलग-अलग अंग पांच स्थानों पर प्रकट हुए, जिन्हें आज पंच केदार कहा जाता है। तुंगनाथ में भगवान शिव की भुजाओं की पूजा होती है। Sawan के दौरान चोपता से तुंगनाथ तक का लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा ट्रेक बेहद खूबसूरत हो जाता है। रास्ते में हर तरफ हरे-भरे बुग्याल, रंग-बिरंगे जंगली फूल, बादलों से ढकी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं आपकी पूरी यात्रा को यादगार बना देती हैं। अगर मौसम साफ हो, तो तुंगनाथ से आगे चंद्रशिला शिखर तक भी जा सकते हैं। यहां से नंदा देवी, चौखंबा, केदार डोम और त्रिशूल जैसी हिमालय की ऊंची चोटियां साफ दिखाई देती हैं। अगर आप Sawan में आध्यात्मिक यात्रा के साथ ट्रेकिंग का भी आनंद लेना चाहते हैं, तो तुंगनाथ आपके लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है। आदि कैलाश और ओम पर्वत उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश को भगवान शिव का दूसरा सबसे पवित्र निवास माना जाता है। इसे ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है। जो लोग तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए आदि कैलाश की यात्रा किसी वरदान से कम नहीं मानी जाती। Sawan के दौरान यहां की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। बर्फ से ढके पहाड़, हरियाली से भरी घाटियां और बादलों के बीच दिखाई देता कैलाश पर्वत मन को पूरी तरह मोह लेता है। आदि कैलाश यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण है ओम पर्वत। यहां पहाड़ पर जमी बर्फ प्राकृतिक रूप से ‘ॐ’ का आकार बनाती है। यह दृश्य दुनिया में बेहद दुर्लभ माना जाता है और हर साल हजारों श्रद्धालु इसे देखने पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान पार्वती सरोवर, गौरी कुंड और कालापानी जैसे धार्मिक स्थल भी पड़ते हैं, जिनका पौराणिक महत्व बहुत अधिक है। अगर आप Sawan में प्रकृति और अध्यात्म का सबसे अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं, तो आदि कैलाश की यात्रा जरूर करें। पाताल भुवनेश्वर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर भारत की सबसे रहस्यमयी गुफाओं में से एक मानी जाती है। कहा जाता है कि यह गुफा भगवान शिव का दिव्य निवास है। कई धार्मिक ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है और मान्यता है कि यहां 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। करीब 90 फीट नीचे उतरकर इस गुफा तक पहुंचना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। गुफा के अंदर आपको प्राकृतिक रूप से बनी ऐसी चट्टानें दिखाई देंगी जो शेषनाग, भगवान गणेश, शिवलिंग और कई अन्य धार्मिक आकृतियों जैसी नजर आती हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां चार धामों के प्रतीक भी प्राकृतिक रूप से बने हुए बताए जाते हैं। Sawan के दौरान इस गुफा का वातावरण और भी अधिक आध्यात्मिक महसूस होता है। बाहर बारिश की बूंदें और अंदर गुफा की ठंडक ऐसा अनुभव देती है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। अगर आप इस Sawan किसी रहस्यमयी धार्मिक जगह की यात्रा करना चाहते हैं, तो पाताल भुवनेश्वर जरूर जाएं। किन्नर कैलाश हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित किन्नर कैलाश भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। यहां लगभग 79 फीट ऊंची प्राकृतिक चट्टान को भगवान शिव का शिवलिंग माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती आज भी इस पर्वत पर निवास करते हैं। Sawan के दौरान हजारों श्रद्धालु तांगलिंग गांव से इस कठिन ट्रेक की शुरुआत करते हैं। लगभग 14 से 16 किलोमीटर लंबा यह ट्रेक आसान नहीं है, लेकिन रास्ते में दिखाई देने वाले बर्फीले पहाड़, झरने, घास के मैदान और बादलों से ढकी चोटियां सारी थकान भुला देती हैं। किन्नर कैलाश की सबसे खास बात यह है कि यहां स्थित प्राकृतिक शिवलिंग दिनभर में सूरज की रोशनी के साथ अपना रंग बदलता हुआ दिखाई देता है। अगर आप रोमांच और भक्ति दोनों का अनुभव एक साथ करना चाहते हैं, तो Sawan में किन्नर कैलाश की यात्रा आपके लिए यादगार साबित होगी। श्रीखंड महादेव अगर आप Sawan में सबसे चुनौतीपूर्ण शिव यात्रा करना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश का श्रीखंड महादेव आपके लिए है। समुद्र तल से लगभग 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह यात्रा भारत की सबसे कठिन धार्मिक ट्रेक्स में गिनी जाती है। यहां लगभग 75 फीट ऊंचा प्राकृतिक शिवलिंग मौजूद है, जिसे देखने के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरते हैं। यात्रा के दौरान नयन सरोवर, घने जंगल, बर्फ से ढकी चोटियां और बादलों के बीच से गुजरने वाले रास्ते इस सफर को रोमांचक बना देते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई Sawan की यह यात्रा भक्तों को मानसिक शक्ति और आत्मिक शांति प्रदान करती है। हालांकि यह ट्रेक शारीरिक रूप से काफी कठिन है, इसलिए अच्छी फिटनेस और सही तैयारी के साथ ही यहां जाना चाहिए। तपोवन, ऋषिकेश अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांत माहौल में Sawan बिताना चाहते