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Bengaluru-Chennai Expressway Delay: जानिए नई अपडेट

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अगर आप भी Bengaluru-Chennai Expressway का इंतज़ार कर रहे हैं, तो आपके लिए एक नई अपडेट सामने आई है। पिछले कई सालों से इस एक्सप्रेसवे को लेकर अलग-अलग तारीखें सामने आती रही हैं, लेकिन अब एक बार फिर इसके पूरा होने में देरी हो गई है। पहले कहा जा रहा था कि यह सड़क 2024 या 2025 तक पूरी हो जाएगी, लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि इसका पूरा काम जुलाई 2026 या उसके बाद ही खत्म होगा। यह खबर उन लाखों लोगों के लिए थोड़ी निराश करने वाली है जो अक्सर बेंगलुरु और चेन्नई के बीच सफर करते हैं। अभी इस दूरी को तय करने में लगभग 6 से 7 घंटे लग जाते हैं। लेकिन Bengaluru-Chennai Expressway बनने के बाद यही सफर करीब ढाई से तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। यही वजह है कि लोग इस प्रोजेक्ट का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। क्या है Bengaluru-Chennai Expressway? Bengaluru-Chennai Expressway करीब 263 किलोमीटर लंबा एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। ग्रीनफील्ड का मतलब है कि यह सड़क किसी पुराने हाईवे को चौड़ा करके नहीं बनाई जा रही, बल्कि बिल्कुल नई जगह पर तैयार की जा रही है। इस सड़क की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे होगा। यानी बीच रास्ते में हर जगह से गाड़ियां इस पर नहीं चढ़ सकेंगी। सिर्फ तय किए गए एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे ट्रैफिक कम रहेगा और गाड़ियां लगातार तेज रफ्तार से चल सकेंगी। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की अधिकतम रफ्तार लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। इससे समय की काफी बचत होगी और लंबी दूरी का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। देरी की सबसे बड़ी वजह क्या है? बहुत से लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिर Bengaluru-Chennai Expressway बार-बार लेट क्यों हो रहा है। असल वजह तमिलनाडु का हिस्सा है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में काम काफी आगे बढ़ चुका है, लेकिन तमिलनाडु में कई जगह निर्माण अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। सबसे ज्यादा परेशानी अरक्कोनम और कांचीपुरम के बीच लगभग 25 किलोमीटर के हिस्से में आई है। यहां काम कर रही निर्माण कंपनी आर्थिक परेशानी में फंस गई। धीरे-धीरे काम की रफ्तार कम होती गई और आखिरकार मई 2025 के बाद यह हिस्सा लगभग बंद हो गया। इसके बाद NHAI ने कंपनी को नोटिस भेजा और कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन मामला अदालत तक पहुंच गया। मद्रास हाई कोर्ट में केस चलने की वजह से फिलहाल इस हिस्से का काम फिर से शुरू नहीं हो पाया है। यही कारण है कि पूरे Bengaluru-Chennai Expressway का उद्घाटन आगे खिसक गया। फ्लाई ऐश का विवाद भी बना बड़ी समस्या देरी की एक और वजह फ्लाई ऐश को लेकर चल रहा विवाद है। सड़क बनाने में फ्लाई ऐश का इस्तेमाल किया जाता है। सरकारी नियमों के अनुसार यह निर्माण कंपनियों को तय प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन खबरों के अनुसार ठेकेदार का कहना है कि कुछ स्थानीय स्तर पर सप्लाई को लेकर दिक्कतें आईं और इसी वजह से काम रुक गया। जब निर्माण सामग्री समय पर नहीं मिलती तो पूरी परियोजना की रफ्तार धीमी हो जाती है। यही बात Bengaluru-Chennai Expressway के साथ भी हुई। कर्नाटक में अच्छी खबर जहां तमिलनाडु में काम रुका हुआ है, वहीं कर्नाटक से अच्छी खबर सामने आई है। होसकोटे से शुरू होने वाला लगभग 71 किलोमीटर लंबा हिस्सा लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस सड़क पर अब गाड़ियां आराम से चल रही हैं और लोगों को पहले से बेहतर सफर का अनुभव मिल रहा है। नई सड़क चौड़ी, साफ और आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसलिए जो लोग इस हिस्से में सफर कर चुके हैं, उनका अनुभव काफी अच्छा रहा है। यही देखकर लोगों को अंदाजा हो रहा है कि जब पूरा Bengaluru-Chennai Expressway तैयार होगा तो सफर कितना आसान हो जाएगा। आंध्र प्रदेश में भी तेजी से बढ़ा काम आंध्र प्रदेश में भी Bengaluru-Chennai Expressway का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। करीब 85 किलोमीटर वाले हिस्से में लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण खत्म हो चुका है। हालांकि कुछ जगहों पर वन विभाग की मंजूरी मिलने में समय लगा क्योंकि सड़क का एक हिस्सा जंगल के पास से गुजरता है। वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अतिरिक्त बदलाव भी किए गए। इसी वजह से कुछ समय जरूर बढ़ा, लेकिन यहां निर्माण लगातार जारी है। इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च हो रहा है? Bengaluru-Chennai Expressway भारत के सबसे बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इतने बड़े बजट का कारण सिर्फ सड़क बनाना नहीं है। इसके साथ कई बड़े पुल, फ्लाईओवर, इंटरचेंज, सर्विस रोड, अंडरपास और सुरक्षा से जुड़े कई आधुनिक सिस्टम भी तैयार किए जा रहे हैं। यही वजह है कि यह सिर्फ एक हाईवे नहीं बल्कि आने वाले समय का आधुनिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर माना जा रहा है। इस सड़क पर कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी? जब पूरा Bengaluru-Chennai Expressway शुरू होगा, तब यात्रियों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी। पूरे रास्ते में आधुनिक रेस्ट एरिया बनाए जा रहे हैं जहां लोग आराम कर सकेंगे। ईंधन भरवाने की सुविधा भी मिलेगी। ट्रकों के लिए अलग पार्किंग एरिया तैयार किए जा रहे हैं। आपातकालीन मदद के लिए हेल्पलाइन और पेट्रोलिंग टीम मौजूद रहेगी। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कई जगह अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि जानवर बिना किसी खतरे के सड़क पार कर सकें। यात्रियों को दूरी के हिसाब से टोल देना होगा। यानी जितना सफर करेंगे, उतना ही टोल लगेगा। इस पूरी व्यवस्था का मकसद सफर को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है। व्यापार और इंडस्ट्री को मिलेगा बड़ा फायदा Bengaluru-Chennai Expressway सिर्फ यात्रियों का समय बचाने के लिए नहीं बनाया जा रहा है। यह सड़क दक्षिण भारत के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर में से एक बेंगलुरु-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (CBIC) का भी अहम हिस्सा है। अभी कंपनियों को सामान एक शहर से दूसरे शहर भेजने में काफी समय और खर्च लगता है। लेकिन जब Bengaluru-Chennai Expressway पूरी तरह चालू हो जाएगा, तो ट्रकों को कम समय लगेगा और ईंधन की भी