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Special Trains: Assam Flood में यात्रियों को राहत

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लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर की वजह से कई गांव, सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए हैं। राज्य के कई हिस्सों में लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा असर ऊपरी असम के रेल नेटवर्क पर पड़ा है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण रेलवे सेक्शन बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ऐसे समय में यात्रियों के लिए रेलवे ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं और कई Special Trains चलाने का फैसला किया है। शिवसागर जिले का सिमलुगुड़ी जंक्शन इस समय बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रेलवे स्टेशनों में से एक है। स्टेशन का यार्ड, रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं। रेलवे कॉलोनी में भी पानी भरने की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सिमलुगुड़ी-नमती अली और सिमलुगुड़ी-सेलेनघाट सेक्शन पर ट्रेन सेवाओं को रोकना पड़ा है। जब रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाता है, तो ट्रेनों को चलाना यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इसी वजह से रेलवे ने पहले सुरक्षा को प्राथमिकता दी और प्रभावित रूटों पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। सिमलुगुड़ी जंक्शन पानी में डूबा सिमलुगुड़ी में आई बाढ़ की सबसे बड़ी वजह दिखौ नदी का बढ़ता जलस्तर बताया जा रहा है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया और धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में फैलने लगा। पानी रेलवे स्टेशन और ट्रैक तक पहुंच गया, जिससे रेल सेवाओं पर सीधा असर पड़ा। सिमलुगुड़ी जंक्शन ऊपरी असम के लिए काफी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यहां से कई यात्री और लंबी दूरी की ट्रेनें अलग-अलग शहरों के लिए चलती हैं। जब इस तरह का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन बाढ़ से प्रभावित होता है, तो उसका असर केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहता। कई दूसरे शहरों और जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों की यात्रा भी प्रभावित होती है। यही वजह है कि रेलवे ने मुख्य रूट पर सेवाएं रोकने के साथ-साथ वैकल्पिक रास्तों पर Special Trains चलाने का फैसला किया है। यात्रियों की मदद के लिए रेलवे ने चलाईं Special Trains बाढ़ की वजह से जब मुख्य रेलवे रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद हुआ, तो यात्रियों को सबसे बड़ी चिंता अपने घर पहुंचने की थी। कई लोग अलग-अलग स्टेशनों पर फंस गए थे और उन्हें आगे की यात्रा के लिए कोई विकल्प नहीं मिल रहा था। ऐसे में पूर्वोत्तर सीमा रेलवे यानी NFR ने Special Trains चलाने का फैसला किया। 22 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच यात्रियों की सुविधा के लिए दो जोड़ी Special Trains चलाने की घोषणा की गई। इन ट्रेनों का उद्देश्य उन इलाकों के बीच रेल संपर्क बनाए रखना है जहां मुख्य रेलवे लाइन बाढ़ की वजह से बंद है। ये Special Trains यात्रियों को उन स्टेशनों तक पहुंचाने में मदद करेंगी जहां से वे आगे अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं। पहली Special Train तिनसुकिया और भोजो के बीच चलाई जा रही है। ट्रेन संख्या 05911 तिनसुकिया से दोपहर 12 बजे रवाना होगी और दोपहर 2 बजे भोजो पहुंचेगी। इसके बाद वापसी में ट्रेन संख्या 05912 भोजो से दोपहर 3 बजे चलेगी और शाम 4 बजकर 35 मिनट पर न्यू तिनसुकिया पहुंचेगी। इस तरह यह Special Train उन यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है जिन्हें बाढ़ प्रभावित मुख्य रूट के बजाय वैकल्पिक रेल मार्ग से यात्रा करनी है। इसके अलावा दूसरी जोड़ी Special Trains न्यू तिनसुकिया और मोरनहाट के बीच चलाई जा रही है। ट्रेन संख्या 05913 न्यू तिनसुकिया से शाम 4 बजकर 45 मिनट पर चलेगी और रात 7 बजकर 30 मिनट पर मोरनहाट पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 05914 रात 8 बजे मोरनहाट से रवाना होगी और रात 11 बजे तिनसुकिया पहुंचेगी। इन Special Trains की मदद से बाढ़ के बीच यात्रियों को एक सीमित लेकिन जरूरी रेल कनेक्टिविटी मिल रही है। पहले से भी चल रही हैं कई Special Trains बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने केवल नई Special Trains ही नहीं चलाई हैं, बल्कि इससे पहले भी कई रूटों पर अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं शुरू की गई थीं। मारियानी-डिब्रूगढ़, रंगिया-मारियानी और लमडिंग-मारियानी के बीच भी Special Trains का संचालन किया गया है। रंगिया और मारियानी के बीच चलने वाली Special Train कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है। इस ट्रेन के रास्ते में चांगसारी, कामाख्या, गुवाहाटी, जगीरोड, होजई, लमडिंग और दीमापुर जैसे स्टेशन आते हैं। ऐसे समय में जब कई नियमित ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की जा रही हैं, ये Special Trains यात्रियों के लिए एक जरूरी विकल्प बन गई हैं। रेलवे की कोशिश है कि बाढ़ की वजह से किसी भी यात्री को पूरी तरह से अकेला न छोड़ना पड़े। जहां मुख्य रेलवे रूट पर ट्रेनें नहीं चल पा रही हैं, वहां वैकल्पिक सेक्शन से Special Trains चलाकर यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए कनेक्टिविटी दी जा रही है। कई लंबी दूरी की ट्रेनें हुईं प्रभावित सिमलुगुड़ी में पानी भरने की वजह से केवल लोकल ट्रेनें ही प्रभावित नहीं हुई हैं। कई लंबी दूरी की ट्रेनें भी रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 30 से ज्यादा ट्रेन सेवाओं पर किसी न किसी तरह का असर पड़ा है। तिनसुकिया-लमडिंग डेमू, गुवाहाटी-लेडो इंटरसिटी एक्सप्रेस और रंगिया-न्यू तिनसुकिया इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनें रद्द की गई हैं। इसके अलावा डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को भी डिब्रूगढ़ तक चलाने के बजाय गुवाहाटी से ही शुरू किया जा रहा है। डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी के बीच इसका संचालन फिलहाल प्रभावित है। नागालैंड एक्सप्रेस की सेवा पर भी असर पड़ा है। इस ट्रेन को डिब्रूगढ़ की जगह मारियानी या दीमापुर से चलाया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन का नया रूट और वर्तमान स्थिति जरूर देख लेनी चाहिए। यात्रियों को यह समझना जरूरी है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान रेलवे का टाइम टेबल अचानक बदल सकता है। कोई ट्रेन पहले रद्द हो सकती है और बाद में Special Train के रूप में अतिरिक्त सेवा शुरू की जा सकती है। इसलिए पुरानी जानकारी के आधार पर स्टेशन पहुंचना कई बार परेशानी का कारण बन सकता है। यात्रियों के लिए खाने और पानी का