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Vande Bharat vs Amrit Bharat: कौन सी Train है Best?

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भारतीय रेलवे में पिछले कुछ सालों में काफी बदलाव देखने को मिला है। पुराने डिब्बों और पारंपरिक सफर के साथ अब यात्रियों को ऐसी Train का विकल्प भी मिल रहा है, जिनमें रफ्तार, आराम और नई सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इनमें वंदे भारत और अमृत भारत दो ऐसी Train हैं, जिनकी चर्चा आजकल सबसे ज्यादा होती है। एक तरफ वंदे भारत को प्रीमियम सफर, तेज रफ्तार और एसी सुविधाओं के लिए जाना जाता है, तो दूसरी तरफ अमृत भारत को आम यात्रियों और लंबी दूरी के बजट सफर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। दोनों का मकसद अलग है और दोनों की अपनी खासियतें हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर आपके लिए कौन सी Train बेहतर है? क्या ज्यादा पैसे देकर वंदे भारत लेना सही रहेगा या कम किराए में अमृत भारत ज्यादा काम की है? आइए आसान भाषा में दोनों Train की स्पीड, किराया, कोच, सीट, सुविधाओं और सफर के अनुभव को समझते हैं। वंदे भारत और अमृत भारत आखिर हैं क्या? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि वंदे भारत और अमृत भारत को एक ही तरह की Train समझना सही नहीं होगा। दोनों को अलग-अलग यात्रियों की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है। वंदे भारत एक आधुनिक सेमी-हाई-स्पीड Train सेट है, जिसमें अलग से इंजन लगाने की जरूरत नहीं होती। इसके कोचों के नीचे मोटर और दूसरे उपकरण लगाए गए हैं, जिसकी वजह से Train तेजी से रफ्तार पकड़ सकती है। वहीं अमृत भारत एक लोको-हॉल्ड Train है, जिसमें आगे और पीछे इंजन लगाए जाते हैं और पुश-पुल सिस्टम के जरिए Train को चलाया जाता है। सीधी भाषा में कहें तो वंदे भारत ज्यादा प्रीमियम सफर के लिए है, जबकि अमृत भारत का फोकस कम किराए में बेहतर और तेज लंबी दूरी की यात्रा देने पर है। स्पीड के मामले में कौन आगे है? जब बात Train की होती है तो सबसे पहले दिमाग में यही सवाल आता है कि यह कितनी तेज चलती है। वंदे भारत की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है, हालांकि अलग-अलग रूट और ट्रैक की क्षमता के हिसाब से इसकी वास्तविक परिचालन गति कम हो सकती है। वंदे भारत की एक बड़ी खासियत इसका तेज एक्सीलरेशन है। यह कम समय में अच्छी रफ्तार पकड़ लेती है। यही वजह है कि जिन रूट पर बार-बार स्टेशन आते हैं, वहां भी समय बचाने में इसका फायदा मिल सकता है। अमृत भारत की अधिकतम ऑपरेटिंग स्पीड करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक है। इसमें आगे और पीछे दो इंजन वाला पुश-पुल सिस्टम इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह से Train को तेज गति पकड़ने और रुकने के दौरान बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिलती है। इसलिए सिर्फ स्पीड देखें तो वंदे भारत आगे दिखाई देती है, लेकिन असली यात्रा समय हमेशा सिर्फ Train की अधिकतम स्पीड से तय नहीं होता। रूट, स्टॉपेज और ट्रैक की क्षमता भी बहुत मायने रखती है। वंदे भारत की सबसे बड़ी खासियत है इसका आधुनिक डिजाइन वंदे भारत को शुरू से ही एक आधुनिक Train सेट के रूप में तैयार किया गया है। इसमें अलग इंजन के बजाय मोटर को Train के अलग-अलग कोचों में लगाया गया है। इससे वजन और पावर का वितरण बेहतर तरीके से होता है और Train तेजी से रफ्तार पकड़ सकती है। इस Train में ऑटोमैटिक प्लग डोर, आधुनिक यात्री सूचना स्क्रीन, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, चार्जिंग पॉइंट और दूसरी सुविधाएं दी गई हैं। एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों को जरूरत के हिसाब से घुमाया भी जा सकता है। लंबी दूरी के लिए वंदे भारत के स्लीपर वर्जन भी रेलवे नेटवर्क में शामिल किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में वंदे भारत का इस्तेमाल सिर्फ दिन के छोटे या मध्यम दूरी वाले सफर तक सीमित नहीं रहेगा। अमृत भारत क्यों है आम यात्रियों के लिए खास? अमृत भारत को देखते ही सबसे पहली बात जो समझ आती है, वह है इसका फोकस। यह Train उन यात्रियों के लिए तैयार की गई है जो लंबी दूरी का सफर करना चाहते हैं, लेकिन प्रीमियम किराया नहीं देना चाहते। अमृत भारत पूरी तरह नॉन-एसी है और इसमें स्लीपर तथा जनरल कोच शामिल हैं। यानी यह उन यात्रियों के लिए ज्यादा उपयोगी है जो कम खर्च में लंबी दूरी तय करना चाहते हैं। इसका डिजाइन पारंपरिक Train से काफी आधुनिक है। सीट और बर्थ में बेहतर कुशनिंग, चार्जिंग की सुविधा, मोबाइल और बोतल रखने की जगह, आधुनिक टॉयलेट और सुरक्षा से जुड़ी कई सुविधाएं इसमें दी गई हैं। इसलिए कम किराए का मतलब यह नहीं है कि Train में पुरानी सुविधाएं ही मिलेंगी। अमृत भारत को इसी सोच के साथ तैयार किया गया है कि बजट सफर में भी यात्रियों को कुछ आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। दोनों Train के कोच में कितना फर्क है? वंदे भारत में मुख्य रूप से एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास जैसी श्रेणियां मिलती हैं। चेयर कार में आम तौर पर 3×2 सीटिंग होती है, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में 2×2 सीटिंग होती है। एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों को घुमाने की सुविधा भी दी जाती है। अगर आप किसी खूबसूरत रूट पर यात्रा कर रहे हैं तो खिड़की से बाहर का नजारा देखने के लिए यह सुविधा अच्छी लग सकती है। दूसरी तरफ अमृत भारत में स्लीपर और जनरल कोच हैं। इसमें यात्रियों की संख्या ज्यादा रखने के साथ-साथ लंबी दूरी के सफर को आरामदायक बनाने की कोशिश की गई है। यानी अगर आप बैठकर आराम से दिन का सफर करना चाहते हैं और एसी आपके लिए जरूरी है, तो वंदे भारत बेहतर लगेगी। वहीं रात या लंबी दूरी के बजट सफर में स्लीपर की जरूरत है तो अमृत भारत ज्यादा काम की हो सकती है। किराए में सबसे बड़ा अंतर किसी भी यात्रा का प्लान बनाते समय किराया सबसे अहम चीजों में से एक होता है। यहां दोनों Train के बीच काफी बड़ा अंतर देखने को मिलता है। वंदे भारत का किराया प्रीमियम कैटेगरी में आता है। उदाहरण के तौर पर नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चेयर कार का किराया लगभग 1,463 रुपये और एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया करीब 2,932 रुपये बताया गया है। वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, दूरी और लागू शुल्क