Train में शराब ले जाना है कानूनी? जानें पूरे नियम
विदेश घूमकर लौटते समय एयरपोर्ट के ड्यूटी-फ्री स्टोर से शराब की एक-दो बोतल खरीदना कई लोगों के लिए यात्रा का हिस्सा होता है। दुबई हो, सिंगापुर, लंदन या बैंकॉक, लोग अपनी पसंद की वाइन या दूसरी शराब खरीदकर भारत वापस आते हैं। एयरपोर्ट पर कस्टम्स की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगला सवाल अक्सर यही होता है कि अब इस बोतल को घर तक कैसे ले जाएं? खासकर तब, जब आगे का सफर Train से करना हो। यहीं से कन्फ्यूजन शुरू होता है। क्या सीलबंद बोतल सूटकेस में रखकर Train में ले जा सकते हैं? क्या एयरपोर्ट से Delhi पहुंचने के बाद उसी बोतल के साथ दूसरी जगह जाना अलग नियम के तहत आता है? क्या चलती Train में अपनी शराब खोलकर पी सकते हैं? और अगर यात्रा भारत की जगह यूरोप, अमेरिका या कनाडा में हो रही हो तो क्या वहां के नियम अलग हैं? इस पूरे मामले में एक ही नियम हर जगह लागू नहीं होता। कस्टम्स के नियम, राज्य के आबकारी कानून और रेलवे के अपने नियम अलग-अलग चीजें हैं। इसलिए सिर्फ यह सोच लेना कि “बोतल एयरपोर्ट से कानूनी तरीके से आई है, तो अब उसे कहीं भी ले जा सकते हैं”, सही तरीका नहीं है। सबसे पहले समझिए: विदेश से शराब लाना और Train में ले जाना एक ही बात नहीं जब कोई यात्री विदेश से भारत आता है तो सबसे पहले उस पर कस्टम्स के नियम लागू होते हैं। इसके बाद अगर वह यात्री किसी दूसरे शहर जाने के लिए Train पकड़ता है तो उसके सामने भारतीय रेलवे और संबंधित राज्य के आबकारी नियम भी आ सकते हैं। यानी एयरपोर्ट पर शराब लाने की अनुमति मिल जाना अपने आप में यह गारंटी नहीं देता कि देश के अंदर हर राज्य में उसे लेकर यात्रा करना भी उसी तरह अनुमति प्राप्त है। खासकर भारत में शराब से जुड़े कानून काफी हद तक राज्य स्तर पर तय होते हैं। यही वजह है कि एक राज्य में जो चीज सामान्य हो सकती है, दूसरे राज्य में वही परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए विदेश से लाई गई बोतल को लेकर सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आप किस राज्य में प्रवेश कर रहे हैं और वहां शराब से जुड़े क्या नियम हैं। भारतीय Train में शराब लेकर जाने को लेकर सबसे बड़ा कन्फ्यूजन क्या है? भारत में Train के अंदर शराब पीने और शराब को साथ लेकर चलने को अक्सर एक ही बात समझ लिया जाता है, जबकि दोनों स्थितियों को अलग-अलग देखना जरूरी है। रेलवे परिसर या Train में शराब पीकर ऐसा व्यवहार करना जिससे दूसरे यात्रियों को परेशानी हो, गंभीर मामला बन सकता है। रेलवे कानून के तहत नशे में उपद्रव या यात्रियों को परेशान करने पर कार्रवाई हो सकती है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर कि बोतल आपकी है, Train में उसे खोलना या पीना सही नहीं माना जा सकता। दूसरी तरफ, सीलबंद बोतल को सामान के साथ ले जाने का सवाल सिर्फ रेलवे नियम से नहीं बल्कि संबंधित राज्य के आबकारी कानून से भी जुड़ सकता है। इसलिए इस मामले में कोई एक ऐसी सामान्य सीमा मान लेना ठीक नहीं है जो पूरे भारत में हर परिस्थिति में लागू हो। क्या सीलबंद बोतल Train में रख सकते हैं? यही वह सवाल है जो सबसे ज्यादा पूछा जाता है। अगर बोतल विदेश से लाई गई है, सीलबंद है और कस्टम्स के नियमों के मुताबिक भारत में लाई गई है, तब भी आगे की यात्रा के लिए राज्य के स्थानीय नियम देखना जरूरी है। कुछ जगहों पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए सीमित मात्रा में शराब रखने या ले जाने की अनुमति हो सकती है, लेकिन इसकी मात्रा, लाइसेंस, परमिट और अन्य शर्तें राज्य के हिसाब से अलग हो सकती हैं। इसलिए “2 लीटर है तो पूरे भारत में Train से ले जा सकते हैं” जैसी बात को सार्वभौमिक नियम नहीं मानना चाहिए। यात्रा से पहले जिस राज्य में आप जा रहे हैं, वहां के आबकारी विभाग के नियम देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। बिल और पैकिंग क्यों संभालकर रखनी चाहिए? विदेश से शराब खरीदते समय मिली रसीद को फेंक देना अच्छी आदत नहीं है। अगर बोतल ड्यूटी-फ्री स्टोर से खरीदी गई है तो उसका बिल और पैकिंग यह दिखाने में मदद कर सकती है कि वह कहां से खरीदी गई थी। इसी तरह अगर एयरपोर्ट पर बोतल विशेष सीलबंद पैकेजिंग में दी गई है तो उसे बेवजह खोलने से बचना चाहिए, खासकर तब जब यात्रा के आगे भी सुरक्षा या कस्टम्स जांच हो सकती है। बोतल को सामान में इस तरह रखें कि टूटने या लीक होने की संभावना कम रहे। यह भी ध्यान रखें कि बिल होना किसी राज्य के आबकारी कानून से छूट नहीं देता। बिल खरीद का सबूत हो सकता है, लेकिन स्थानीय कानून अलग सवाल है। भारत लौटते समय कस्टम्स का 2 लीटर वाला नियम क्या है? विदेश से भारत लौटने वाले यात्रियों के बीच 2 लीटर की ड्यूटी-फ्री सीमा को लेकर काफी चर्चा रहती है। लेकिन यहां भी एक बात समझना जरूरी है कि कस्टम्स की अनुमति और घरेलू यात्रा के नियम अलग-अलग हैं। कस्टम्स नियमों के तहत पात्र यात्रियों को निर्धारित सीमा तक शराब या वाइन ड्यूटी-फ्री लाने की सुविधा मिल सकती है। अगर मात्रा तय सीमा से ज्यादा है तो उसे घोषित करने और लागू शुल्क देने की जरूरत पड़ सकती है। यात्रा से पहले वर्तमान कस्टम्स नियम जरूर जांचें, क्योंकि आयात, ड्यूटी और सामान से जुड़े नियम समय के साथ बदल सकते हैं। सिर्फ किसी पुराने वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट में बताई गई सीमा को अंतिम नियम मानना सही नहीं होगा। 2 लीटर से ज्यादा शराब हो तो क्या करें? अगर कोई यात्री तय ड्यूटी-फ्री सीमा से ज्यादा शराब लेकर भारत पहुंचता है तो उसे उसे छिपाकर निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कस्टम्स के सामने सामान घोषित करना और लागू नियम के अनुसार शुल्क देना सुरक्षित रास्ता है। एयरपोर्ट पर कस्टम्स की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू करनी चाहिए। अगर मात्रा या नियम को लेकर कोई शक है तो कस्टम्स अधिकारी से उसी समय जानकारी लेना बाद में परेशानी होने से बेहतर है। याद रखें, एयरपोर्ट से बाहर