दिल्ली की भीड़, गर्मी और ट्रैफिक के बीच अगर कुछ ऐसा है जो एक अलग ही ख़ुशी देता है, तो वो है शॉपिंग! और दिल्ली की शॉपिंग की बात में सरोजिनी नगर मार्केट का ज़िक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता।
सरोजिनी सिर्फ एक मार्केट नहीं है, यहाँ के परमानेंट ग्राहकों के लिए तो ये इमोशन जैसा है। सस्ते दामों में ट्रेंडिंग फैशन का सामान, ब्रांडेड दिखने वाली ड्रेस, जूते, चश्मे और बैग से लेकर एक्सेसरीज़ तक,यहाँ ऐसा खज़ाना मिलता है कि पहली बार आने वाला भी खाली हाथ लौटता।
इतने मशहूर मार्केट को लेकर एक सवाल बार-बार उठता है..
“क्या सरोजिनी नगर मार्केट सोमवार को बंद रहता है?”

क्या है इस सवाल का जवाब? जवाब यह है कि सोमवार को कुछ दुकानें बंद रहती हैं लेकिन पूरा मार्केट नहीं।
सरोजिनी मार्केट में हर हफ्ते सोमवार को साप्ताहिक अवकाश रहता है। इसका मतलब यह नहीं है कि कुछ खुलता ही नहीं है बल्कि इसका अर्थ यह है की कुछ दुकानें, खासकर बड़ी और फैशनेबल शॉप्स, उस दिन शटर डाउन ही रखती हैं।
तो क्या कुछ दुकानें खुली रहती हैं?
जी हाँ, बिल्कुल खुली रहती हैं।
दिल्ली है, जनाब! यहाँ ‘पूरा बंद’ भी थोड़ा खुला होता है।
फुटपाथ के स्टॉल, लोकल वेंडर्स, और खाने-पीने की दुकानें अक्सर खुली मिल जाती हैं। कभी-कभी छोटे दुकानदार सोचते हैं कि सोमवार को भीड़ कम रहेगी, तो थोड़ा एक्स्ट्रा कमा लें।
लेकिन ये नंबर बहुत कम होता है, बड़े दुकानदार फिर भी इस दिन पूरी तरह से आराम करते हैं।

सरोजिनी नगर मार्केट जाने का सही दिन कौन सा है?
अगर आप सिर्फ टहलने, स्ट्रीट फूड खाने या थोड़ा बहुत विंडो शॉपिंग करने का मूड रखते हैं, तो सोमवार को भी जा सकते हैं।
लेकिन अगर आपकी लिस्ट लंबी है जैसे ट्रेंडी टॉप्स, डेनिम्स, हैंडबैग्स, बूट्स, चश्मे और वो सब जो इंस्टाग्राम पर दिखता है — तो मंगलवार से रविवार के बीच किसी भी दिन जाने को तरजीह दीजिए।
“आइए दीदी, ट्राय कर लीजिए” से लेकर “लो 250 का दिया!” जैसी आवाज़ें आपके कान से होकर ज़रूर निकलेंगी। हर गली में कोई न कोई छुपी हुई दुकान मिल सकती है।
सरोजिनी प्लान करने से पहले ध्यान रखने वाली बातें:
समय: सुबह 10 बजे से रात 8:30–9 बजे तक
इन दिनों जाना ज़्यादा पसंद किया जाता है- मंगलवार से शनिवार (रविवार को बहुत ज्यादा भीड़ हो सकती है)।
कैश रखिए: पेटीएम/UPI ज़रूरी नहीं हर दुकान में चले
स्मार्ट दिमाग ज़रूरी है, मोलभाव से ही असली जीत है!
तो अगली बार जब कोई पूछे, “सोमवार को सरोजिनी चलें?”
तो आप मुस्कुराकर कहिए- चलो, लेकिन शॉपिंग से ज़्यादा समोसे और सफर का मज़ा लेंगे!”