भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को ज़्यादा आरामदायक, स्मार्ट और परेशानी से मुक्त बनाने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल से लेकर टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव तक, रेलवे अब एक नए अवतार में नज़र आने वाला है। इन फैसलों का मकसद यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ टिकट दलाली और फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना भी है।
AI से कम होगी वेटिंग टिकट की टेंशन
रेलवे अब वेटिंग टिकट की समस्या को कम करने के लिए AI तकनीक का सहारा ले रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, एक नए AI मॉडल के इस्तेमाल से कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है। यह सिस्टम पिछले कई सालों के डेटा और यात्रियों के ट्रैवल पैटर्न का विश्लेषण कर यह अंदाज़ा लगाता है कि किसी यात्री की टिकट कन्फर्म होने के कितने चांस हैं, जिससे यात्रियों को पहले ही स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।

Ask DISHA 2.0 से आवाज़ के ज़रिए टिकट बुकिंग
रेलवे ने Ask DISHA 2.0 वर्चुअल असिस्टेंट को और बेहतर बना दिया है। अब यात्री हिंदी, हिंग्लिश और अंग्रेज़ी में आवाज़ के ज़रिए टिकट बुक कर सकते हैं। इसमें पासवर्ड याद रखने की ज़रूरत नहीं होगी और सिर्फ़ OTP के ज़रिए ही बुकिंग संभव होगी, जिससे टिकट बुक करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगी।
आधार लिंक न होने पर टिकट बुकिंग पर रोक
टिकट दलालों और फर्जी आईडी पर लगाम लगाने के लिए रेलवे ने सख़्त नियम लागू किए हैं। जनवरी 2026 से जिन यात्रियों का IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं होगा, वे रिज़र्वेशन खुलने वाले दिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। यह नियम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और 12 जनवरी के बाद यह रोक बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दी जाएगी। रेलवे का मकसद शुरुआती घंटों में सिर्फ़ असली यात्रियों को टिकट मिलना सुनिश्चित करना है।
स्लीपर क्लास में बेडरोल की वापसी
करोड़ों यात्रियों के लिए राहत की खबर यह है कि जनवरी 2026 से स्लीपर क्लास में बेडरोल की सुविधा फिर से शुरू की जा रही है। अब स्लीपर क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को तकिया, कंबल और चादर मिलेगी। लंबे समय से यात्री इसकी मांग कर रहे थे, खासकर सर्दियों और रात के सफर के दौरान। रेलवे ने बताया है कि इस बार सफ़ाई और हाईजीन का पूरा ध्यान रखते हुए मशीनों से धुले हुए साफ बेडरोल किट दिए जाएंगे।
टिकट बुकिंग और वेटिंग से जुड़े नए नियम
रेलवे ने टिकट बुकिंग से जुड़े कुछ और अहम बदलाव भी किए हैं। अब यात्री यात्रा से 120 दिन पहले नहीं, बल्कि सिर्फ़ 60 दिन पहले ही टिकट बुक कर सकेंगे। इसके अलावा, वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को अब स्लीपर और एसी कोच में सफर करने की अनुमति नहीं होगी और ऐसे टिकट केवल जनरल कोच के लिए ही मान्य होंगे।

वंदे भारत स्लीपर में सख़्त नियम
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में RAC या वेटिंग लिस्ट की कोई व्यवस्था नहीं होगी। इन ट्रेनों में सिर्फ़ कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही यात्रा कर सकेंगे। साथ ही, बुजुर्गों और महिलाओं को लोअर बर्थ देने में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनका सफर ज़्यादा आरामदायक हो सके।
यात्रियों के लिए क्या मायने रखते हैं ये बदलाव
रेलवे का कहना है कि ये सभी बदलाव यात्रियों के सफर को ज़्यादा सुरक्षित, आसान और टेंशन फ्री बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से जहां टिकट बुकिंग आसान होगी, वहीं नए नियमों से सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी। किसी भी तरह की जानकारी या मदद के लिए यात्री रेलवे की हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।