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जानिए क्यों मानसून में जंगल सफारी करना है खतरनाक?

इस भागदौड़ की जिंदगी से जब भी हमें ब्रेक चाहिए होता है तो हमारे मन में सबसे पहला ख्याल आता है कि नेचर के करीब किसी जगह घूमने जाएं। ……और भला जंगल से ज्यादा नेचुरल बायो डायवर्सिटी (Natural Bio Diversity) कहां देखी जा सकती है? यहां रेप्टाइल्स (Reptiles) से लेकर मैमल्स (mammals) तक हर तरह के जीव आपको दिखाई दे देते हैं। इतना ही नहीं यहां पेड़ों के टाइप्स में भी बहुत डायवर्सिटी देखने को मिलती है।
कोई भी जंगल रिच बायोडायवर्सिटी (Rich Biodiversity) का एक प्रमुख केंद्र होता है। यही वजह है कि लोग आजकल जंगल सफारी (Jungle Safari) की ओर बहुत ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

लेकिन भारत में मानसून (monsoon) का सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में एक्सपर्ट्स (Experts) जंगल सफारी करने से लोगों को रोकते हैं। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि आखिर क्यों हमें मानसून के सीजन में जंगल सफारी करने से बचना चाहिए?
मानसून के सीजन में देश के अधिकतम राष्ट्रीय उद्यानों (National Parks) में जंगल सफारी की सुविधा को बंद (Closed) कर दिया जाता है।
इसके पीछे कई सारे कारण होते हैं। सबसे पहला कारण है कि मानसून के सीजन (monsoon season) में भारी बरसात (Heavy Rainfall) होती है। ऐसे में जंगलों में कीचड़ की समस्या भी हो जाती है और वहां गाड़ियों के फंसने के चांसेस (Chances) बहुत ज्यादा होते हैं।
देश में बहुत सारे ऐसे राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) हैं जो हिल स्टेशन भी हैं। जहां जंगल सफारी करवाई जाती है। हम सभी जानते हैं कि मॉनसून के समय में सारे हिल स्टेशन अलर्ट (Alert) रहते हैं। क्योंकि वहां पर लैंडस्लाइड (landslide) का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसी वजह से जंगल सफारी को रोक दिया जाता है।


मानसून के सीजन में कई बार बहुत भारी बरसात होती है। ऐसे में कहीं घूमने जाना खतरे से खाली नहीं होता है। क्योंकि बिजली गिरने (thundering with lightning) की भी संभावनाएं बहुत ज्यादा होती है। इसलिए जंगल सफारी करने से लोगों को रोका जाता है। क्योंकि ऊंचे ऊंचे पेड़ बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ऐसे में जंगलों में बिजली गिरने के चांसेस (Chances) बहुत ज्यादा होते हैं। इसीलिए लोगों को इस समय जंगल सफारी करने से रोका जाता है।

बिना जंगल को अच्छे से एक्सप्लोर (Exploring) किए जंगल सफारी पूरी नहीं मानी जाती है, और बरसात के समय में तेज वर्षा और कीचड़ की वजह से जंगल के हर कोने को अच्छे से एक्सप्लोर नहीं किया जा सकता है। इसलिए भी एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर जंगल सफारी करनी हो तो मॉनसून के खत्म हो जाने का इंतजार करें।

जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य होता है, जंगली जानवरों को करीब से देखना! लेकिन बरसात के समय में जंगली जानवर खुले मैदानों में घूमते हुए बहुत कम दिखाई देते हैं। ऐसे में जंगल सफारी पर जाने का कोई ज्यादा फायदा नहीं होता है।

By Five Colors Of Travel

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