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10 Reasons Why You Should Visit the Most Visited Fort of India | Agra Fort❓


अगर आपको ऐतिहासिक स्थलों (historical places) के बारे में जानने का शौक है और आपकी रूचि सिर्फ इतिहास के पन्नों में ना सिमटकर बाहर घूमने फिरने में है, दुनिया देखने में है तो आपके लिए आपका अगला डेस्टिनेशन हो सकता है आगरा का किला। आपने यह तो सुना ही होगा कि आगरा में एक किला है, जहां के महलों से खड़े होकर दूर ताजमहल को देखा जा सकता है। अगर नहीं सुना तो भी कोई बात नहीं। क्योंकि इस ब्लॉग में हम आपको इसे किले के बारे में बहुत सी ऐसी जानकारी देने वाले हैं जिनके बारे में जानना आपके लिए भी एक नया अनुभव होगा।

जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है, यह किला दिल्ली से लगभग 232 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आगरा शहर में है। आगरा में दुनिया का सातवां अजूबा (7th Wonder of the World) ताजमहल तो है ही, इसके साथ हीं यहां एक किला भी है। जिसे आगरा के लाल किले के नाम से भी जाना जाता है।

आगरा के किले का इतिहास
History of Agra Fort :

अगर इस किले के इतिहास की बात की जाए तो मुगल वंश (Mughal Empire) के 4 शासकों ने इस किले पर राज किया। जिनमें अकबर फिर जहाँगीर फिर शाहजहाँ और फिर बहादुर शाह जफर का नाम आता है। इसके निर्माण के बारे में बताया जाता है कि, इस जगह पर पहले खंडहर हुआ करता था। अकबर जब 1558 में फतेहपुर सीकरी से आगरा आए तो उन्होंने राजस्थान के धौलपुर जिले के बरौली क्षेत्र से लाल बलुआ पत्थर मंगवा कर, इसको दोबारा नए सिरे से बनवाया था। इसलिए इस किले को अकबर का किला (Akbar’s Palace) भी कहा जाता है। इस किले को बनवाने के लिए उस समय के बेहतरीन आर्किटेक्टों को बुलाया गया था। इसके बाहरी कोर को बलुआ पत्थर और अंदर के कोर को ईटों के साथ बनवाया गया है। उस समय लगभग 4000 कारीगरों ने लगातार 8 वर्षों तब इस किले के निर्माण के लिए काम किया और इस किले को 1573 में बना कर तैयार किया गया। अगर इस किले के आधुनिक इतिहास जाना जाए तो यह किला यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल (UNESCO World Heritage Site) की सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला ऐतिहासिक स्थल (Historical Monument) था। जिसे यूनेस्को ने वर्ष 1983 में अपने वैश्विक धरोहरों की सूची में शामिल किया था। क्योंकि इस किले के निर्माण में लाल बलूआही पत्थरों (Red Sandstone) का इस्तेमाल किया गया है। इसीलिए इस किले को आगरा का लाल किला भी कहा जाता है।

बेहतरीन है यहां का आर्किटेक्चर
(Amazing Architecture of this Fort) :

शीश महल (glass palace) :

बात की जाए इस किले के आर्किटेक्चर की तो, दुनिया का सबसे खूबसूरत बाथरूमशमों से एक बाथरूम शीश महल, जिसे ग्लास पैलेस के नाम से भी जाना जाता है, इसी किले में मौजूद है। जिसे शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के स्नान के लिए बनवाया था। इस शीश महल में चारों ओर शीशे लगे हुए हैं और नहाने के लिए गर्म पानी की सुविधा की गई थी। शीश महल तीन भागों में बँटा हुआ था। जिसमें पहला हिस्सा ठंडे पानी के लिए था, दूसरा हिस्सा गर्म पानी के लिए और तीसरा हिस्सा मसाज के लिए था। शीश महल की बनावट ऐसी थी कि अगर वहां एक दिया जलाया जाता था तो चारों ओर 100 दिए के जितने उजाला होता था।

बादशाह का आरामगाह :

शीश महल के अलावा इस किले में जहांगीर का आरामगाह भी था। जिसमें रियल सोने की पेंटिंग (Real Gold Painting) की गई थी। दूसरे भाग में ब्रिटिश के द्वारा पिघला पिघला कर अपने देश ले जाया गया। लेकिन अभी इसके अवशेष किले में मौजूद है। किले के दीवारों में की गई नक्काशी में जड़े गए हर एक रत्न की अपनी एक अलग ही खासियत थी और सारे रत्न अलग-अलग रंगों में चमकते थे। जब आप दोपहर के 3:00 से 4:00 के बीच इसके लिए आएंगे सोने की नक्काशी के अवशेष उस समय सूरज की रोशनी में जगमगाते हुए दिखेंगे। जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब इस पर पूरी सोने की परत चढ़ी हुई होगी तब यह कितना चमकता होगा।

हवा महल (Hawa Mahal) :

इस किले में एक हवा महल भी है। अकबर ने अपने बेटे सलीम को उपहार में दिया था। इस हवा महल की बनावट ऐसी थी कि बिना बिजली और एसी के भी इस महल में ऐसी (Air conditioner) के जितना ठंडक होता था। अगर इसके बनावट की बात की जाए तो इसके दीवारों को दोहरे लेयर में बनाया गया था और दोनों दीवारों के बीच में पानी डाला गया था। पानी से दीवार में सीलन ना लगे इसके लिए दीवारों को बनाने में मुल्तानी मिट्टी (Multani Clay) का उपयोग किया गया था। इस सफेद संगमरमर से बने महल खिड़कियों को बाहर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि ये खिड़कियां बंद है। लेकिन जब आप अंदर जाएंगे तो आपको दिखेगा कि वह सब बस एक आंखों का इल्युजन (illusion) है। असल में खिड़कियां खुली हुई होती हैं।

दीवान-ए-खास (Diwan-i-khas) :

इस महल में दीवान-ए-खास नाम से भी एक जगह था। जहां बादशाह अपने मुलाजिमों के साथ बैठकर सलाह मशवरा किया करते थे। दीवान-ए-खास दो हिस्सों में बटा हुआ था। एक अंदर का और एक बाहर का। बाहर के हिस्से में भी बादशाह शाम के समय बैठा करते थे। जहां काले रंग के सिंहासन पर बादशाह बैठते थे और सफेद रंग का सिंहासन उनके सलाहकार के लिए होता था। वहीं बाकी मुलाजिम कार्पेट पर बैठा करते थे। जब आप दीवान ए खास के काले सिंहासन के पास जाएंगे तो आपको वहां से ताजमहल साफ साफ दिखाई देगा।

रंग महल (Rang Mahal) :


इन सभी के अलावा महल में एक हिस्सा मनोरंजन के लिए भी होता था। जिसे रंग महल के नाम से जाना जाता था। रंग महल में सबसे ऊपर बादशाह का सिंहासन होता था। वहीं उससे नीचे परदे में रानियां बैठा करती थीं और आसपास की खिड़कियों से सैनिक और अन्य मुलाजिम समारोह और नृत्य प्रदर्शन का आनंद लिया करते थे। रंग महल का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है।

सुरक्षा घेरा (Defensive structure) :

शाहजहाँ का कैदखाना (Shah Jahan’s Jail) :

इस किले में वह स्थान भी है, जहां औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहाँ को कैद करके रखा था। औरंगजेब ने शाहजहाँ को हाउस अरेस्ट (House arrest) करके रखा था। शाहजहाँ को बाकी सारी सुविधाएं दी गई थी। सिर्फ उसे किले से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। बताया जाता है कि औरंगजेब ने शाहजहां को इसलिए कैद किया था क्योंकि वह एक और ताजमहल (Black Taj Mahal) बनवाना चाहता था। जो काले रंग के पत्थरों से बनवाया जाने वाला था। किले के मीना मस्जिद (Mina Masjid) वाले भाग में आकर शाहजहां नमाज अदा कर सके इस गुप्त द्वारा बनवाए गए थे।

कैसे पहुंचे आगरा का किला?
How to reach Agra Fort?

दिल्ली से आगरा अगर आप फ्लाइट से जाना जाते हैं तो, इसके लिए 1 घंटे से भी कम समय लगता है। आगरा शहर से खेरिया हवाई अड्डा लगभग 13 किलोमीटर दूर है। यहां से आगरा सिटी जाने के लिए आपको ऑटो या कैब आसानी से मिल जाएगा। पूरे देश के अधिकांश शहरों से आगरा रेलवे मार्ग तथा सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरीके से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, जयपुर, ग्वालियर, झांसी, कोलकाता, पटना जैसे शहरों से आगरा आने के लिए आपको आसानी से ट्रेनें मिल जाएंगी। आगरा में पांच रेलवे स्टेशन हैं। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन यहां का मुख्य स्टेशन है। इसके अलावा आगरा में आगरा किला रेलवे स्टेशन, राजा मंडी रेलवे स्टेशन, आगरा शहर रेलवे स्टेशन और ईदगाह रेलवे स्टेशन भी मौजूद है। ताजमहल और आगरा का किला आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूर पर है और यहां तक आने के लिए आपको कोई टैक्सी ऑटो रिक्शा मिल जाएगा। सड़क मार्ग से आगरा Nh2 और नए यमुना एक्सप्रेसवे के द्वारा दिल्ली से जुड़ा हुआ है। जयपुर भी Nh-1 से आगरा से जुड़ा हुआ है और लगभग 4 घंटे का सफर करके आप जयपुर से आगरा वाया रोड आ सकते हैं।

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Hello! I Pardeep Kumar

मुख्यतः मैं एक मीडिया शिक्षक हूँ, लेकिन हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने की फ़िराक में रहता हूं।

लम्बे सफर पर चलते-चलते बीच राह किसी ढ़ाबे पर कड़क चाय पीने की तलब हमेशा मुझे ज़िंदा बनाये रखती
है।

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